बहुत खामोशी ……
अौर
हर पल मुस्कराता चेहरा…………
कभी गौर से देखो,
गर पढ़ सको………
तब दिखेगा,
यह तो दर्द का आईना है।
बहुत खामोशी ……
अौर
हर पल मुस्कराता चेहरा…………
कभी गौर से देखो,
गर पढ़ सको………
तब दिखेगा,
यह तो दर्द का आईना है।

कुछ क़तरे दूध के ,
उबलते पानी में उफान लाने के लिये काफी है.
जिंदगी के उतार चढाव में भी
कुछ क़तरे जोश के हो
तो मंजिल पाने के लिये काफी है.
सुनने वाले के लिये जो सिर्फ कहानियाँ हैं,
उनमें कितनी अौर कहानियाँ,
आँसू अौ मुस्कान छुपे हैं,
सुनाने वाला हीं जान सकता है।
समंदर हँसा रेत पर – देखो हमारी गहराई अौ लहराती लहरें,
तुम ना एक बुँद जल थाम सकते हो, ना किसी काम के हो।
रेत बोला —
यह तो तुम्हारा खारापन बोल रहा है,
वरना तुम्हारे सामने – बाहर अौर अंदर भी हम हीं हम हैं
— बस रेत हीं रेत !!!
धोखा- फरेब की परिभाषा खोजने पर,
जवाब मिला, दूर जाने की क्या जरुरत है?
यह तो अक्सर पास वालों से मिलता है।
खरीदने की भी जरुरत नहीं, मुफ्त बँटता रहता है,
बस थोङा भरोसा कर के तो देखो….
Amarnath yatra – terror attack
हिमालय के हिम शिखरों पर जमे बर्फ जैसे
कलेजे को जमा देने वाली ये खबरें
दिल दहला देती है……
हिमालय शिव दर्शन इतना दर्दनाक क्यों निकला ???

आँखोँ से आँखों मे, अौर फिर , कही दिल में उतर कर
सारे राज ना कोई जान ले,
खजाने हैं…..
कुछ बेमोल- कुछ अनमोल !!!
जब भी किसी ने आँखों से मदद मागीं
अौर
नादानी में, अनदेखा किया, वे आज भी याद हैं।
लरजते आँखों को पहचान लेना, ऐसे हाथों को
कस कर थाम लेना,
शायद सबसे बङी इबादत है !!!!
दिल के सच्चे लोग कुछ एहसास लिखते है,
मामूली शब्दों में ही सही कुछ खास लिखते है।
Source: दिल के सच्चे लोग…..
कल पेड़ पर अटके – लटके ,
आँसू बहाते एक गिरगिट से हुई मुलाकत .
उसने कहा –
घड़ी के काटें के साथ पल पल बदलते ,
तुम लोगों को देखने के बाद अब ……
अपने रंग बदलने की अदा का मै क्या करूँ ?
मेरी तो पहचान ही खो गई है .
image from internet.
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