मिसिंग टाइल सिंड्रोम Missing Tile Syndrome

Missing Tile Syndrome is a term coined by Dennis Prager. It simply means focusing on the things that we don’t have and in the process, robbing ourselves of happiness.

This Syndrome is a big obstacle towards happiness and blessedness. If you come to think about it, accepting your situation, being thankful and content are the best ways to overcome the Missing Tile Syndrome. Let it not continue to rob your happiness. Thank God for the “tiles” in your life and live a better and happier life.

 

मिसिंग टाइल सिंड्रोम एक मनोवैज्ञानिक समस्या है जिसमें हमारा सारा ध्यान जीवन की उस कमी की तरफ रहता है जिसे हम नहीं पा सके हैं |  जिन्दगी में कितना कुछ भी अच्छा हो, हम उन्हीं चीजों को देखते हैं जो मिसिंग हैं और यही हमारे दुःख का सबसे बड़ा कारण है।

एक बार की बात है एक छोटे शहर में एक मशहूर होटल ने अपने होटल में एक स्विमिंग पूल बनवाया। स्विमिंग पूल के चारों ओर बेहतरीन इटैलियन टाइल्स लगवाये, परन्तु मिस्त्री की गलती से एक स्थान पर टाइल लगना छूट गया। अब जो भी आता पहले उसका ध्यान टाइल्स की खूबसूरती पर जाता। इतने बेहतरीन टाइल्स देख कर हर आने वाला मुग्ध हो जाता। वो बड़ी ही बारीकी से उन टाइल्स को देखता व प्रशंसा करता। तभी उसकी नज़र उस मिसिंग टाइल पर जाती और वहीं अटक जाती…. उसके बाद वो किसी भी अन्य टाइल की ख़ूबसूरती नहीं देख पाता। स्विमिंग पूल से लौटने वाले हर व्यक्ति की यही शिकायत रहती की एक टाइल मिसिंग है। हजारों टाइल्स के बीच में वो मिसिंग टाइल उसके दिमाग पर हावी रहता थी।

कई लोगों को उस टाइल को देख कर बहुत दुःख होता कि इतना परफेक्ट बनाने में भी एक टाइल रह ही गया। तो कई लोगों को उलझन हो होती कि कैसे भी करके वो टाइल ठीक कर दिया जाए। बहरहाल वहां से कोई भी खुश नहीं निकला, और एक खूबसूरत स्विमिंग पूल लोगों को कोई ख़ुशी या आनंद नहीं दे पाया |

दरअसल उस स्विमिंग पूल में वो मिसिंग टाइल एक प्रयोग था। मनोवैज्ञानिक प्रयोग जो इस बात को सिद्ध करता है कि हमारा ध्यान कमियों की तरफ ही जाता है। कितना भी खूबसूरत सब कुछ हो रहा हो पर जहाँ एक कमी रह जायेगी वहीँ पर हमारा ध्यान रहेगा।

टाइल तक तो ठीक है पर यही बात हमारी जिंदगी में भी हो तो ? तो यह एक मनोवैज्ञानिक समस्या है जिससे हर व्यक्ति गुज़र रहा है।इस मनोविज्ञानिक समस्या को मिसिंग टाइल सिंड्रोम  का नाम दिया गया। Dennis Prager के अनुसार उन चीजों पर ध्यान देना जो हमारे जीवन में नहीं है, आगे चल कर हमारी ख़ुशी को चुराने का सबसे बड़ा कारण बन जाती हैं।

ऐसे बहुत से उदाहरण हो सकते हैं जिसमें हम अपनी किसी एक कमी के पीछे सारा जीवन दुखी रहते हैं। ज्यादातर लोग उन्हें क्या-क्या मिला है पर खुश होने के स्थान पर उन्हें क्या नहीं मिला है पर दुखी रहते हैं।

मिसिंग टाइल हमारा फोकस चुरा कर हमारी जिन्दगी की सारी खुशियाँ चुराता है। यह शारीरिक और मानसिक कई बीमारियों की वजह बनता है, अब हमारे हाथ में है कि हम अपना फोकस मिसिंग टाइल पर रखे और दुखी रहें या उन नेमतों पर रखे जो हमारे साथ है और खुश रहें।  अपनी स्थिति को स्वीकार करते हुए, जो है उसके लिये  आभारी रहना और  मिसिंग टाइल सिंड्रोम को दूर करने का सबसे अच्छा तरीका है – अपने जीवन के टाइल्स / खुशियों के लिए भगवान का शुक्रगुज़ार होना।

शैङो सेल्फ

 

शैङो सेल्फ – शैङो सेल्फ  किसी भी व्यक्ति के व्यक्तित्व का  अज्ञात, अंधकारमय  पक्ष  है। कुछ बातें हमारा मन  नहीं चाहता है कि हम में  हो ( जैसे -आदिम व्यवहार, नकारात्मकता, सामाजिक या धार्मिक रूप से अमानवीय भावनाएँ और यौन वासनाएँ,  स्वार्थपन, लालच, ईर्ष्या, क्रोध जैसे आवेग), लेकिन हमारे मन का   एक हिस्सा डरता है या   हम सभी को अक्सर लगता है कि हममें  ऐसी बुराईयाँ हैं।  संक्षेप में, शैङो सेल्फ व्यक्तित्व का “अंधेरा पक्ष” है। जो कुछ भी हमें बुरा अौर अस्वीकार्य लगता हैं, और खुद में होने से ङरते हैं वह शैङो सेल्फ का हिस्सा बन जा सकता है।

अपने इस व्यवहार को  समझना उपयोगी  है क्योंकि शैङो सेल्फ  के कारण  हम सभी बहुत से रक्षात्मक या ङीफेनसिव व्यवहार ( अपने को बचाने की कोशिश)  करते हैं। जुंग के अनुसार, शैङो सेल्फ सामान्य अौर और तर्कहीन व्यवहार  है जो अक्सर सभी मैं होता है। इसकी वजह से हम बहुत सी बातों को गलत तरीके से व्यक्त ( मनोविज्ञान प्रक्षेपण)    करने लगते  है।  अपने आप को नैतिक रूप से कम आकंने ( व्यक्तिगत न्यूनता ) लगते हैं  अौर  हीनता के शिकार हो जाते हैं।

 

 

 

 

Shadow self

 

The shadow self – The shadow is the unknown dark side of the personality.  It refers to the portion of our psyche that we want to know that we are not ( Ex-The primitive, negative, socially or religiously depreciated human emotions and impulses like sexual lust, power strivings, selfishness, greed, envy, anger ), but  a part of us fears that we  are. It may be positive or negative. In short, the shadow is the “dark side” of the personality.  Whatever we deem evil, inferior or unacceptable and deny in ourselves becomes part of the shadow.

 

Understanding one’s shadow can be helpful because there may be a lot of defensive behaviour  due to  shadow self. According to Jung, the shadow, in being instinctive and irrational, is prone to psychological projection, in which a perceived personal inferiority is recognized as a perceived moral deficiency .

तनाव अौर हैप्पी हार्मोन Stress and happy hormones

मनःस्थिति एवं परिस्थिति के बीच असंतुलन से तनाव  होता है। तनाव एक द्वन्द है। यह कुछ हद तक सहायक  है पर अधिक तनाव  मन को अशान्त, अस्थिर एवं शरीर  को अस्वस्थ करता हैं। यह हमारी कार्यक्षमता को प्रभावित करता है। कुछ हार्मोन हमें तनाव से बचने में मदद करतें हैं जिसे हैप्पी हार्मोन  कहते हैं।  तनाव से लङनेवाले हैप्पी हार्मोन को  बढ़ाने  के सरल तरीके निम्नलिखित हैं –

 हैप्पी हार्मोन को बढ़ावा देने के सरल तरीके Natural Ways to Boost Your Happy Hormones ~

  • व्यायाम   Exercise – शारिरिक व्यायाम हमेशा  मानसिक स्वास्थ्य के लिये लाभदायक है। व्यायाम से मन को खुश रखने वाले  सेरोटोनिन/serotonin   का  स्तर  मस्तिष्क में बढ़ाता हैं।

 

  • योग, ध्यान  Yoga, Meditation – योग, ध्यान मन मस्तिष्क को शांत रखते हैं । गर्म स्नान, योग, ध्यान से तनाव में राहत मिलता है क्योंकि इससे  एस्ट्रोजेन, डोपामाइन, सेरोटोनिन, ऑक्सीटोसिन, एंडोर्फिन / Dopamine, Serotonin,  Oxytocin,  Endorphins,  Estrogen  स्त्राव  होतें हैं ।

 

  • खुश रहिेए   Be happy – अपना मन पसंद काम करें। मित्रों के साथ समय बितायें। कॉमेडी , मजेदार सीरीयल देखें, खुल कर  हंसाने वाली बातें , संगीत सुनना तनाव कम करतीं हैं। यह आपके हैप्पी  हार्मोन डोपामाइन / Dopamine को बढ़ावा देने के सरल प्राकृतिक तरीके  है।

 

  • प्रियजनों के साथ समय व्यतीत करना   Quality time with family – अपने साथी, अपने बच्चों या अपने पालतू जानवरों के साथ समय बिताते का  आनन्द  ऑक्सीटोसिन /Oxytocin को बढ़ाता है।

 

  • दूसरों की मदद करना,  Helping others – सकारात्मक काम, प्रशंसा,  अपने अच्छे से होने की भावना या आत्म संतुष्टि से हमारे   न्यूरोट्रांसमीटर मस्तिष्क से डोपामाइन /Dopamine स्त्राव होता है।

 

 

 

 

PsyCap: Psychological Capital for better performance

Psychological Capital (PsyCap)  is – “an individual’s positive psychological state of development”.

There are  4 important PsyCap Capacities that helps to lower the stress level and performa better.

Hope
Optimism
Self-efficacy
Resilience

Hope  is a positive motivational state that is based on an interactively derived sense of successful agency /goal-directed energy and pathways / planning to meet goals.

Optimism is  not only expecting good things to come, but reacting to problems with a sense of confidence and high personal ability.

Self-efficacy is  the belief that you are able to accomplish something effectively.

Resilience – People not only bounce back from the not so good events in life but they rebound and go beyond where they were previously. They go beyond better.

 

 

 

खुशवंत सिंह के लिखे ज़िंदगी के दस सूत्र ।

इन दसों सूत्रों को पढ़ने के बाद पता चला कि सचमुच खुशहाल ज़िंदगी और शानदार मौत के लिए ये सूत्र बहुत ज़रूरी हैं।

1. अच्छा स्वास्थ- अगर आप पूरी तरह स्वस्थ नहीं हैं, तो आप कभी खुश नहीं रह सकते। बीमारी छोटी हो या बड़ी, ये आपकी खुशियां छीन लेती हैं।

2. ठीक ठाक बैंक बैलेंस- अच्छी ज़िंदगी जीने के लिए बहुत अमीर होना ज़रूरी नहीं। पर इतना पैसा बैंक में हो कि आप आप जब चाहे बाहर खाना खा पाएं, सिनेमा देख पाएं, समंदर और पहाड़ घूमने जा पाएं, तो आप खुश रह सकते हैं। उधारी में जीना आदमी को खुद की निगाहों में गिरा देता है।

3. अपना मकान- मकान चाहे छोटा हो या बड़ा, वो आपका अपना होना चाहिए। अगर उसमें छोटा सा बगीचा हो तो आपकी ज़िंदगी बेहद खुशहाल हो सकती है।

4. समझदार जीवन साथी- जिनकी ज़िंदगी में समझदार जीवन साथी होते हैं, जो एक-दूसरे को ठीक से समझते हैं, उनकी ज़िंदगी बेहद खुशहाल होती है, वर्ना ज़िंदगी में सबकुछ धरा का धरा रह जाता है, सारी खुशियां काफूर हो जाती हैं। हर वक्त कुढ़ते रहने से बेहतर है अपना अलग रास्ता चुन लेना।

5. दूसरों की उपलब्धियों से न जलना- कोई आपसे आगे निकल जाए, किसी के पास आपसे ज़्यादा पैसा हो जाए, तो उससे जले नहीं। दूसरों से खुद की तुलना करने से आपकी खुशियां खत्म होने लगती हैं।

6. गप से बचना- लोगों को गपशप के ज़रिए अपने पर हावी मत होने दीजिए। जब तक आप उनसे छुटकारा पाएंगे, आप बहुत थक चुके होंगे और दूसरों की चुगली-निंदा से आपके दिमाग में कहीं न कहीं ज़हर भर चुका होगा।

7. अच्छी आदत- कोई न कोई ऐसी हॉबी विकसित करें, जिसे करने में आपको मज़ा आता हो, मसलन गार्डेनिंग, पढ़ना, लिखना। फालतू बातों में समय बर्बाद करना ज़िंदगी के साथ किया जाने वाला सबसे बड़ा अपराध है। कुछ न कुछ ऐसा करना चाहिए, जिससे आपको खुशी मिले और उसे आप अपनी आदत में शुमार करके नियमित रूप से करें।

8. ध्यान – रोज सुबह कम से कम दस मिनट ध्यान करना चाहिए। ये दस मिनट आपको अपने ऊपर खर्च करने चाहिए। इसी तरह शाम को भी कुछ वक्त अपने साथ गुजारें। इस तरह आप खुद को जान पाएंगे।

9. क्रोध से बचना- कभी अपना गुस्सा ज़ाहिर न करें। जब कभी आपको लगे कि आपका दोस्त आपके साथ तल्ख हो रहा है, तो आप उस वक्त उससे दूर हो जाएं, बजाय इसके कि वहीं उसका हिसाब-किताब करने पर आमदा हो जाएं।

10. अंतिम समय- जब यमराज दस्तक दें, तो बिना किसी दुख, शोक या अफसोस के साथ उनके साथ निकल पड़ना चाहिए अंतिम यात्रा पर, खुशी-खुशी। शोक, मोह के बंधन से मुक्त हो कर जो यहां से निकलता है, उसी का जीवन सफल होता है।

Why Are We Ashamed Of Our Mental Health?

The Benefits of Meditation

vibeetribe's avatarVibe Tribe

When people hear the term spirituality, they often think of monks meditating in a beautiful temple, wearing colorful robes. Although that isn’t all spirituality is (although I would like one of those robes) meditation is a big and important part of the practice. You might be wondering how sitting cross legged on the floor can benefit you in life.          Well pexels-photo-372281.jpeghere are some ways:

  • Relieve stress

We all experience some form of stress in our day to day lives. Whether it’s a demanding boss, screaming kids, or running errands. We’re on the go all the time and forget to check in with ourselves. Meditation is proven to reduce stress and anxiety levels in people of all ages. It introduces tranquility and balance into our lives. This can help you manage day to day tasks more effectively.

  • Health

Meditation has also been proven to decrease depression, improve…

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Positive Psychology

The aim of Positive Psychology is to catalyze

a change in psychology from a preoccupation

only with repairing the worst things in life to

also building the best qualities in life.

~~Martin Seligman