Author: Rekha Sahay
Like the Phoenix
I rise from the ashes
My path I carve
With hands of skill
Determined, focused
with an iron will
Until the day
My heart is still
Like the Phoenix
I rise from the ashes
लगता है जिंदगी कुछ खफा है
जिंदगी के रंग -23
अहले सुबह जिंदगी आई कुछ मसले व परेशानियाँ ले कर ।
शाम ढले चौखट पर खङी थी मुस्कुराती
अौर पूछ बैठी –
दर्द हुआ क्या?
चोट
लगी क्या?
जवाब दिया –
बिना कसूर के मिली सजा,
दर्द तो बङा देती है
पर, तुझसे क्या शिकायत ऐ जिंदगी ???
तु तो रंग दिखा रही है…..
सबक अौ तजुर्बे सीखा रही है।
Living in the heart
Sit with Lovers
and choose their state.
Do not stay long
with those who are
not living in the heart.
~ Beloved Rumi ~ ❤️❤️
रक्षाबंधन की कहानी (Rakhi -celebration of brother and sister love)
राखी का त्योहार लक्ष्मी जी ने दानव राज बाली को राखी बाँध कर शुरू किया था. दानव राज राजा बलि अश्वमेध यज्ञ करा रहें थे. नारायण ने राजा बालि की बढ़ती शक्ति को नियंत्रित करने के लिये वामन/ बौना अवतार लिया. बाली दानी राजा था. नारायण ने वामन बन बाली से दान में तीन पग या तीन क़दम धरती माँगी. बाली ने वामन का छोटा आकार देख हामी भर दी. तब नारायण ने विराट रुप ले कर तीन पग में उसकी सारी धरती नाप ली और बाली को पाताल लोक का राज्य रहने के लिये दें दिया l
rakhi
चतुर बाली ने नारायण की बात मानते हुए अपनी एक कामना पूरी करने का वचन तीन बार – त्रिवाचा लिया. नारायण अपनी सफलता से प्रसन्न हो तीन बार बाली से कह बैठे – “दूँगा दूँगा दूँगा”. तब बलि ने नारायण से कहा – ” मेरे सोने और जागने पर जिधर भी मेरी दृष्टी जाये उधर आप ही नजर आयें. वचनबद्ध नारायण बाली के जाल में फँस चुके थे. वे वहीँ वास करने लगे.
काफी समय तक नारायण के ना लौटने पर लक्ष्मी जी को चिंता हुई. उन्हों ने घुम्मकड नारद जी पूछा -“आप तो तीनों लोकों में घूमते हैं क्या नारायण को कहीँ देखा हैं ?”नारद जी बताया , नारायण तो पाताल लोक में हैं राजा बलि के पहरेदार बन गये हैं. चिंतित और व्यथित लक्ष्मी जी के पूछने पर नारद ने उन्हें राजा बलि को अपना भाई बना रक्षा बंधन बाँध, रक्षा का वचन लेने की सलाह दी. उससे त्रिवचन लेने कहा और रक्षा बंधन के उपहार स्वरूप नारायण को माँगने का सुझाव दिया.
लक्ष्मी सुन्दर नारी बन रोते हुये बलि के पास गई. बाली के पूछने पर उन्हों ने उत्तर दिया -” मेरा कोई भाई नहीँ हैं, जो मेरी रक्षा करे. इसलिए मैं दुखी हूँ .द्रवित हो बलि उन्हें अपनी धर्म बहन बना लिया. उपहार में लक्ष्मी ने जब उसके पहरेदार को माँगा, तब बाली को सारी बातें समझ आई. पर बाली ने वचन का मान रख लक्ष्मी को बहन बनाया और उपहार में नारायण को लौटाया. तब से रक्षाबन्धन का त्योहार शुरू हुआ. आज़ भी जानकार कलावा बाँधते समय यह मंत्र बोलते हैं –
“येन बद्धो राजा बलि दानबेन्द्रो महाबला तेन त्वाम प्रपद्यये रक्षे माचल माचल:”
जैसे महाबली दांनवेंद्र बाली ने वचन का सम्मान कर रक्षा किया, वैसे तुम मेरी रक्षा करो, रक्षा करो. बाली ने दानव होते हुए रिश्ते का मान रखा.
Source: रक्षाबंधन की कहानी (Rakhi -celebration of brother and sister love)
Happy friendship day blogger buddies !!!!
जिंदगी के रंग -22
अपने लिखे शब्दों को वाह वाही
देने वालों को देख कर समझ आया –
ये भी जिंदगी के उस दौर से गुजरे है।
जहाँ यह रंग दिखाती है।
Forgive but do not forget
Forgive but do not forget,
or you will be hurt again.
Forgiving changes the perspectives.
Forgetting loses the lesson.”
― Paulo Coelho
मोती Pearl
Pearls are formed inside the shell of certain mollusks as a defence mechanism against a potentially threatening irritant such as sand particles or parasite inside the shell. The mollusk creates a pearl sac to seal off the irritation.
हम बचतें हैं दुःखों -तकलिफों से
अौर
समुद्र के सीप को देखो
गर रेत का कण चला जाये,
उसके अंदर
वह उसे भी आबदार मोती बना ङालता है !
सीप के अंदर अगर रेत कण चला जाता हैं। तब इसके अंदर रहने वाला मॉलस्क कीङे को अपनी त्वचा पर रेत से तकलीफ होने लगती है। इससे बचने के लिये, इस रेत के कण पर वह अपनी त्वचा से निकले चिकने तरल पदार्थ की परतें चढ़ाने लगता है अौर यही चमकदार बन जाता है।
जिंदगी के रंग -21
रंगीन रंगों ने सिखाया,
रंगे जिंदगी !!!!
खूबसूरत तस्वीर तभी बनती हैं,
जब मिलते- बिखरते हैं कुछ रंग।
अौर यही कहानी है तस्वीरे जिंदगी की ……….
secret way
If you find
all your roads
and paths blocked,
He will show you
a secret way that no one knows
Rumi

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