मास्टरपीस

मुझ में किसी और

की ना खोज हो।

तुम में किसी

और की ना तलाश हो।

हम हम रहें,

तुम तुम रहो।

दूसरों की ज़िंदगी में अपनी

जगह ना बनाने की

कोशिश हो।

दूसरों को अपनी ज़िंदगी में

समाने की कोशिश ना हो।

किसी के साँचे में ना ढलो।

ना किसी और को

अपने साँचे में ढालो।

तुम तुम रहो, हम हम रहें,

ऊपर वाले ने कुछ

सोंच कर

हीं जतन से हर

मास्टरपीस बनाई होगी।