
Month: June 2019
Hospital staffers didn’t respond to her cries. Woman delivers her own baby

मातृत्व के मर्मांतक और
असहनीय कष्ट को
रात्रि के नीरवता में
अकेले सहना क्या सरल है?
उस माँ के साहस और
हौसले को सलाम है।
क्या हम पाषाण युग में रहते हैं?
या लोगों के दिल पाषाण …
पत्थर …. के हो चुके हैं?
पावर ड्रेसिंग क्या है ? Power Dressing
Dressing for Success
1970-80 में पावर ड्रेसिंग की शुरुआत अमेरिका में हुई। जॉन टी मोलॉय ने कार्यक्षेत्र में महिलाओं के लिए ड्रेस कोड का सुझाव दिया। जिससे उन्हें भी पुरुषों के बराबर प्रभाव, हक और सम्मान मिल सके। यहाँ से पावर ड्रेसिंग के विचार की शुरुआत हुई।
जो आज बहुत जरुरी मानी जाती है। आज पावर ड्रेसिंग एक अनूठी, नई शैली के रुप में पुरुष अौर महिलाअों दोनों के लिये समान महत्व ले कर उभरकर सामने आयी है। क्योंकि इससे आत्मविश्वास,करियर,बॉडीलैंग्वेज,आकर्षण प्रभावित होते हैं।
बिना शब्दों के, बिना बोले अपने व्यक्तित्व को प्रभावशाली बनाने के लिए सही कपड़े, ब्लेज़र, पहनावा, जूते और साज सज्जा आज पावर ड्रेसिंग का जरुरी हिस्सा बन चुका है। यह कार्यस्थल और अन्य जगहों पर आप के प्रभाव को बढ़ाता है और सकारात्मक असर ङालता है।
Question Papers (UPSC CSE Pre 2019)
ज़िंदगी के रंग -160
इंसान की फ़ितरत होती है ,
मधुर यादों और
सुहानी कल्पनाओं में जीने की.
अपने अतीत की यादों
और भविष्य की संभावनाओं में
अपने को सीमित न करें .

गुलाब और नज़रिया

नजरिया है ज़िंदगी को देखने का.
क्या हमें चीज़ों से शिकायत है ?
या हम ख़ुशियाँ ढूंढना जानते हैं?
गुलाब में काँटे हैं ?
या काँटों में गुलाब ?

World Bicycle Day 3rd June
In April 2018, the United Nations General Assembly declared 3 June as International World Bicycle Day. The resolution for World Bicycle Day recognizes “the uniqueness, longevity and versatility of the bicycle, which has been in use for two centuries, and that it is a simple, affordable, reliable, clean and environmentally fit sustainable means of transportation.
साईकिल- एक नई पहल
एक अच्छी शुरुआत .
स्वास्थ्य की समझदारी से
अब बच्चों की सवारी ने
हमारे देश में भी रंग जमा लिया.

ज़िंदगी के रंग – 159
अपनी मौत से तो अब भी डर नहीं लगता .
पर अपनों को खोने की बात से भी डर लगता है.


Sweetness in every heart
नज़रें
नज़रों में हीं प्यार नफ़रत सब दिखते हैं.
एक ही नज़र काफ़ी होती है.
चाहें तो नज़रों से दिल में उतर जाए.
या जलती नज़रों से किसी का दिल जला दे .


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