Every morning
we are born again.
What we do today
is what matters most.”

Buddha 🌈
Every morning
we are born again.
What we do today
is what matters most.”

Buddha 🌈
ज़ुबान से कही बातों से ज़्यादा बातें
कह देती है अनकही रूहानी इश्क़ .


Just as the great ocean
has one taste, the taste of salt,
so also this teaching and
discipline has one taste,
the taste of liberation.

Buddha 🌈


मसाई मारा, केन्या,अफ़्रीका के यात्रा के दौरान देखी एक सच्ची दिल को छूने वाली घटना पर आधारित ।


देखा था एक तकती माँ को तपती धूप में ,
अफ़्रीका के जंगलो में जहाँ मौत और
ज़िन्दगी के बीच कितना फ़ासला है कोई नहीं जानता .
तब नहीं मालूम था जल्द जीवन का कठोरतम सत्य भी देखना है।
वहाँ देखा था बड़ी– बड़ी, मासूम आँखों वाली
मंजुल, मासूम, नाज़ुक सी गजेल हिरणी को
सुनहरी घास में दमकती स्वर्ण सी
मातृत्व प्रेम से अोत–प्रोत
क्या ऐसे हीं सौंदर्य ने मोहा था वनवासी सिया को?
अौर भेज दिया था उन्होंने राम को उसके पीछे?
अौर तभी कुछ पल पहले दुनिया में आया नवजात,
कुछ पल में शिकार हो गया लोमड़ी जोड़े का,
नोचे, मृत छौने को चाटती , डबडबाई आँखें, भय,
मोह, फिर से पाने की चाह में, ज़बरदस्ती खड़ा करने की कोशिश में,
अपने प्राणों की चिंता किए बिना
कभी पास आते लोमड़ियों से बिना ङरे दूर भगाती,
कभी बच्चे के पास आ कर भी ना आती, सहमी पर
निर्भय हो क्रूर, अपने से मजबूत अौर शक्तिशाली
दुश्मन को दूर–दूर तक दौङाती हिरणी.
आँखे आँसू से भर बंद हों गए,
कुछ बुँदें छलक गिर आईं भय से कस कर बंद मुट्ठियों पर
यह ह्रदय–विदारक दृश्य देखना कठिन था,
पर मौत पर कथन था गाइड का – आप भाग्यशाली है
क्योंकि मसाई मारा में ऐसे दृश्य के गवाह कम हीं होते हैं!
शायद धीरे धीरे मौत की सच्चाई समझ आने लगी थी
लाचार माँ को , थोड़ी दूर दूर थी वह अब बच्चे से …….
देखा था एक तकती माँ को
उसकी बड़ी–बड़ी डबडबाई आँखें को !
अौर देखा शिकारियों को भी माँ के जाने का इंतज़ार करते…….
अफ़्रीका, मसाई मारा के जंगलो में जहाँ
देखे कई रंग ज़िन्दगी के…….।
7 May – अक्षय तृतीया का महत्व।


अक्षय तृतीया या आखा तीज वैशाख मास में शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को कहते हैं। पौराणिक ग्रंथों के अनुसार इस दिन जो भी शुभ कार्य किये जाते हैं, उनका अक्षय फल मिलता है। इसी कारण इसे अक्षय तृतीया कहा जाता है। वैसे तो सभी बारह महीनों की शुक्ल पक्षीय तृतीया शुभ होती है, किंतु वैशाख माह की तिथि स्वयंसिद्ध मुहूर्तो में मानी गई है।
There is no fear
for one whose
mind is not filled
with desires.

Buddha 🌈
दसवीं और बारहवीं क्लास
के बच्चों के रिज़ल्ट निकल गए .
बड़े और बूढ़े बच्चों के रिज़ल्ट
23 मई ( चुनाव नतिजे ) को निकलेगें.
उनसे तुम्हें यह सीखना है……..
बस यही 10-12 वीं की परीक्षा आख़री नहीं .
अभी जीवन के और ढेरों इम्तिहान बाक़ी है.
अच्छा किया है , तब अच्छी बात है,
मन के लायक़ नहीं किया तब भी डरो मत .
जीवन में संभलने और
आगे बढ़ने के अनेको मौक़े मिलेंगे.
देखो ! बड़े और बूढ़े बच्चों का रिज़ल्ट
23 मई को निकलेगा .
कभी उन्हें पीछे हटते देखा है?
Suggestion for everyone- each and every child is a beautiful and unique gift of god. Accept them as they are.

Dedication to all parents. As Recently result of class 10th and 12th are out.


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