
सोने की चिड़ियाँ- भारत में
आ कर जी भर लूट मचाई.
आज भी उस अमूल्य धरोहर
की बोली लगा रहे हो …….
क्या फ़र्ज़ नहीं बनता
मानवता दिखलाने और हमारे
विरासत हमें लौटाने का ?

सोने की चिड़ियाँ- भारत में
आ कर जी भर लूट मचाई.
आज भी उस अमूल्य धरोहर
की बोली लगा रहे हो …….
क्या फ़र्ज़ नहीं बनता
मानवता दिखलाने और हमारे
विरासत हमें लौटाने का ?
This is sad…
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Certainly it’s sad.
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Hopefully some Indian gets them… Atleast they will stay here
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Let us see and hope for the best.
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Yupp
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ऐसा कुछ भी नहीं होने वाला है। वो कहते हैं न अपनी भारतीय भाषा में, “सगे भी अपने नहीं होते” सब अपने स्वार्थ के लिए है। मुझे दुनिया में सबसे कमीना देश अमेरिका ही लगता है। आतंकवाद, प्रदूषण की जड़ भी यही है।
क्षमा, चाहता हूं करवे शब्द के लिए पर वास्तविक यही है।
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power जिसके हाथों में हो वही ऊपर होता हैं. सब तो अमेरिका हमारे मित्र देशों में एक है.
लगता है नया फ़ोन तुम्हें पसंद है😊 फटाफट लिख रहे हो.अच्छा है. तुमने कौन सा फ़ोन लिया है?
तुम अच्छा लिखते हो. लिखते रहो.
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कोई दोस्त-वोस्त नहीं है एक नंबर का सेल्फिश है। कारगिल युद्ध में जब हमने जीपीएस मांगा था तो मना कर दिया। मसूद अजहर को आतंकवादी घोषित करना हमारे कहने पर नहीं किया है, आज यहां उसे फायदा दिख रहा है इसलिए।
आज भी वह हमें अत्याधुनिक हथियार नहीं बेचते हैं, जब तक वह उसके लिए पुराना ना हो जाए। सेकंड वर्ल्ड वॉर में जब हमारे यहां भोजन की बहुत बड़ी किल्लत थी, तब उसने जानवरों को देने वाले घटिया अनाज हमें भेजें।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद क्यों नहीं कश्मीर में हमारी मदद करता? नहीं, भाई यह आप दोनों का आपसी मामला है आप दोनों लड़ो, हम आपको माल सप्लाई करेंगे।
हर बार हमें मिसाइल परीक्षण से किसने रोका?
हम दोनों ने एक ऐसे नियम पर हस्ताक्षर किए जहां हम एक दूसरे के सीमा का इस्तेमाल कर सकते हैं अब आप हमें बताएं हम उसके सीमा पर जाकर क्या पाकिस्तान पर नजर रख पाएंगे या चीन पर, जो हमसे सात समुन्दर पार है। वह अपने लिए किया है ताकि चीन पर नजर रख सकें।
एक अमेरिकी एजेंसि को ले लेते हैं जिनमें मूडीज है जो कभी या नहीं बताती की विश्व में भारत एक अच्छा निवेश का स्थान है।
आप मित्र की बात करते हैं अगर मोदी सरकार किसी भी एक अमेरिकी वस्तु पर कर बढ़ा दे तो रियेक्शन तुरन्त मल्टीप्लाई में आ जायेगा।
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तुम्हारे पास बहुत सी जानकारियाँ है, जो अच्छी बात है. जानकर अच्छा लगा कि तुम इतने जागरुक हो.मैं तुम्हारी बात समझ भी रही हूँ और सहमत भी हूँ.
यह दोस्ती -दुश्मनी राजनीति का खेल है. अमेरिका आज विश्व का शक्तिशाली देश है और हर देश पर नज़र रख अपना वर्चस्व बनाए रखना चाहता है.
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(°_~) _/\_
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😊interesting. Smily aur namaste likha hai na ?
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Yes ma’am, most welcome
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चलो यह भाषा मैं भी समझने लगी हूँ. 😊
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ये तो Wink है. Smile nahi.
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एक वक्त शब्द दिल को छेदता हुआ। जो हम जानते हैं मगर चुप हैं।
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सबकुछ सत्य कहा।हम आजाद होकर भी गुलाम हैं और कारण हम खुद हैं। कोई भी सरकार हमे खुश किए बिना जिंदा नही राह सकती और हमें खुश रखने में किसी भी अमीर देश के खिलाफ कुछ कर नही सकती।
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यह सब राजनीतिक खेल है .
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कड़वे हैं मगर सत्य है।
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यह होना तो कठिन है.
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