किसी का नाम लेते ख्याल आता हैं …….
हर बात में अगर-मगर, कमी निकाल ही देनेवाले
कितना भी बच कर निकलो, खरोंचे आएँगी हीं.
ये लोग दूर से ही भले होते हैं.
जैसे कुछ फूलो के बीच में चुभन सी रहती हैं.
काँटें , नागफनी थूहर कुछ कैक्टस से लोग .
हरा भरा , पर कुछ चुभने सा ,
लोग इन्हें सज़ा कर रखते भी हैं.
अगर दूसरों के बाग़ों या गमलो में हों तब ,
हमें भी अच्छे लगते हैं, दूर से, सिर्फ़ दूर से .

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Thank you 😊
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Very nice 👍
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Thank you 😊
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True
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Thanks.
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You are welcome.
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🙂
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क्या करें दुनिया में हर तरह के लोग हैं बहरहाल तुलसी ने कहा था ‘ जलज जोंक जिमि जल बिलगाहीं’ भई ऊपरवाला बचाये ऐसी इंसानी जोंकों से !
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😊😊 सही है.
इसी भीड़ में रहना है, ऐसे हीं लोगों के बीच. बस, ग़ुबार पन्नों पर उतार देना है.
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सच कहा आपने ! सहमत
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आभार.
लिखना मेरी ज़िंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है. पहले हर लिखी बात post नहीं करती थी.
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ऐसा होता ही है ! पर हिम्मत वाली बात है उसे कहना!👍
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😊 मेरे ख्याल से कुछ भी लिखना आसान है. बस शालीनता की सीमा में होनी चाहिए . हाँ कुछ इसे नापसंद कर सकते है.
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बिल्कुल , अभिव्यकि की सीमाएं हमें खुद ही निर्धारित करनी होती हैं.
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हाँ , यह समझना तो हमारा काम है.
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Hmm😊
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খুব সুন্দর লাগছে কি এগুলি
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Thank you.
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Thank you.
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Nice one. Bilkul sahi.
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Thank you 😊.
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