संजीदा सागर

गहरे, संजीदा सागर से

ज़िंदगी का गहरा, गूढ़ सबक़

सीखा … ….,

तेज़ उठती -गिरतीं लहरें

अपने पास आने वालों को

गिरातीं तो हैं

पर उठना ख़ुद हीं

पड़ता है.

ज़िन्दगी के जंग में

भी यही फ़लसफ़ा काम आता है .

23 thoughts on “संजीदा सागर

  1. बिलकुल सही और कभी न भूलने लायक सबक है यह रेखा जी । कुछ पंक्तियां याद आ रही हैं :

    दर्द पैग़ाम लिए चलता है
    जैसे कोई चिराग जलता है
    कौन किसको यहाँ संभालेगा
    आदमी खुद-ब-खुद संभलता है

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    1. आपकी बात से पूरी तरह सहमत हूँ। जिंदगी में मिले सबक से सीखना अीर गिर कर खुद संभलना जरुरी है।
      हमेशा की तरह आपने खूबसूरत पंक्तियां लिखीं है। बहुत धन्यवाद।

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      1. इसी संदर्भ में फ़िल्म ‘होली आई रे’ का गीत भी है –
        गिरना नहीं है गिरके संभलना है जिंदगी
        रुकने का नाम मौत है, चलना है जिंदगी
        चल चल रे राही, चल रे

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      2. जितेन्द्र जी मेरी blog technical जानकारी भी मेरी movie जानकारी की तरह कमजोर है। क्या आप मुझे guide कर सकते हैं कि IB पर ज्यादा like or post 0r regularity क्या अच्छा है?

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      3. रेखा जी, कमर्शियल नज़रिये से तो मेरी जानकारी भी बहुत सीमित है । लेकिन चूंकि आप नियमित रूप से लिखती रहती हैं, इसलिए अपनी हर पोस्ट को इंडीब्लॉगर पर शेयर करने में कोई हर्ज़ नहीं क्योंकि इससे आपकी पोस्ट ज़्यादा-से-ज़्यादा लोगों तक पहुँच जाती है । अगर आपके पास इंडीब्लॉगर पर देने के लिए वक़्त है तो दूसरों की पोस्ट पर अपनी सुविधा से जाइए । ऐसा करने से केवल यह फ़ायदा है कि दूसरे लोगों को आपके पेज पर जाने के लिए नेविगेशन मिल जाता है और ज़्यादातर लोग आ भी जाते हैं, जिससे आपकी पोस्ट पर ट्रैफ़िक बढ़ जाता है । लेकिन अगर आप केवल अपने संतोष के लिए लिखती हैं और जीवन के दूसरे ज़रूरी काम भी हैं तो फिर आप केवल अपनी पोस्ट का लिंक शेयर कर दीजिए । जिसे आपके पेज पर आना होगा, वो वैसे भी आएगा । अर्थात् आपका उद्देश्य तथा आपकी प्राथमिकताएं ही इस संदर्भ में निर्णय लेने हेतु आधार बनेंगे ।

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      4. दरसल आजकल मैं अपने आप को उलझाए रखना चाह रही हूँ . इसलिए कुछ ना कुछ लिखते रहने की कोशिश करती हूँ .
        मेरा blog commercial नहीं है . बस अपने मन की बातें लिखती रहती हूँ .
        किसी ने मेरे फब पेज पर किसी wrytup platform पर blog करने कहा. समझ नहीं आया कि share करना चाहिए या नहीं .

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      5. अपनी बात को जाने-पहचाने फोरम पर ही शेयर करना उचित रहेगा रेखा जी, किसी अनजाने फोरम पर नहीं ।

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