Rules of love – Rule 33

While everyone in this world strives to get somewhere and become someone, only to leave it all behind after death, you aim for the supreme stage of nothingness.

Live this life as light and empty as the number zero.

We are no different from a pot.

It is not the decorations outside but the emptiness inside that holds us straight.

Just like that, it is not what we aspire to achieve but the consciousness of nothingness that keeps us going.

Shams Tabriz spiritual instructor of  Rumi ❤️❤️

उसूलों पे जहाँ आँच आये


उसूलों पे जहाँ आँच आये, टकराना ज़रूरी है
जो ज़िन्दा हों तो फिर ज़िन्दा नज़र आना ज़रूरी है
नई उम्रों की ख़ुदमुख़्तारियों को कौन समझाये
कहाँ से बच के चलना है, कहाँ जाना ज़रूरी है
थके-हारे परिन्दे जब बसेरे के लिये लौटें
सलीक़ामन्द शाख़ों का लचक जाना ज़रूरी है
बहुत बेबाक आँखों में त’अल्लुक़ टिक नहीं पाता
मुहब्बत में कशिश रखने को शरमाना ज़रूरी है
सलीक़ा ही नहीं शायद उसे महसूस करने का
जो कहता है, ख़ुदा है तो नज़र आना ज़रूरी है
मेरे होंठों पे अपनी प्यास रख दो और फिर सोचो
कि इसके बाद भी दुनिया में कुछ पाना ज़रूरी है।

~~ वसीम बरेलवी साहब

सौजन्य – जितेन्द्र माथुर जी

ख़ुदमुख़्तार – आज़ादपसंद ,स्वावलंबी, स्वतंत्र, self-determined

त’अल्लुक़- संबंध, रिश्ता, Relation.

चूहों का स्ट्राइक – व्यंग

पहलें बिहार, अब उत्तर प्रदेश के नाराज़

चूहे स्ट्राइक पर हैं, कहते है –

कुतरना हमारा जन्म सिद्ध अधिकार है

अपने लगातार बढ़ते दाँतों को तराशने के लिए।

पर बोतलें और शराब ? ना बाबा ना ……

हमारे ऊपर भी ढेरों जिन्मेदारियाँ हैं।

गणपति वाहन , करनी माता भक्त , ढेरों वैज्ञानिक शोध …….

अभी तक लगभग तीस नोबेल विजेताओं के काम

व दुनिया की  ख़ूबसूरती  प्रोडक्टस

हमारे बलिदान पर टिके हैं.

महाभारत में पांडवों को बचाने के लिए विदुर

ने हमारे टेक्नोलाजी का उदाहरण दिया था।

सच तो यह है कि पीते-पिलाते ख़ुद हो और नाम कमज़ोर का ?

कभी नशे में देखा है क्या हमें?

तुम्हें तो हमारे बिलों और हमारे नालियों के हाई-वे

के आस पास कई बार गिरे , नशे में चूर देखा है ।

हमारे नाम बदनाम ना करो,  वरना ……

पाईड पाइपर की ज़रूरत बस पड़ जाएगी तुम्हें,

अपने घर की नीवों को हमसे बचाने के लिए।

English news- Rats drank it’: Cops as 1,000 litres of seized liquor disappears from police station

https://m.hindustantimes.com/india-news/rats-drank-it-cops-as-1-000-litres-of-seized-liquor-disappears-from-police-station/story-29vyjzzRCsYj2RjAP0gBdO.html

Inshorts.

Ghalib’s Glory

क़ैद-ए-हयात ओ बंद-ए-ग़म अस्ल में दोनों एक हैं.
मौत से पहले आदमी ग़म से नजात पाए क्यूँ

The prison of life and the bondage of grief are one and the same.
Before the onset of death, how can man expect to be free of grief?


क़ैद-ए-हयात – जीवन की क़ैद

बंद-ए-ग़म – ग़मों की क़ैद

अस्ल-असल