राहें -कविता

We are stars wrapped in skin,
The light you are seeking has always been within.
~ Rumi

जिंदगी की राहें  सड़कों की तरह  कभी खत्म नहीं होती है,

मंजिल की दूरी से ङरने से अच्छा है, 

एक -एक कदम उठा कर  चलते जाना।

जब लगे, सारे रास्ते बंद हैं,  शुन्य से भी शुरु करने में भी क्या हर्ज़ है?

सफेद पन्ने पर फिर से जो चाहे लिखने का मौका  मिला है।

बस अपने अंदर की आग को जलते रहने देना है। 

जब किसी बात से हमारे कदम लङखङा जाते हैं, यह कविता  उस वक्त के  लिये है। पर विशष कर

उन बच्चों को समर्पित है, जिन्हों ने परीक्षा में अपने मन लायक सफलता – उपलब्धि नहीं पाई है। 

Image from internet.

दूसरों को अपने ऊपर हावी ना होने दें- गैसलाइटिंग प्रभाव-3 #मनोविज्ञान, Gaslighting #Psychology

गैसलाइटिंग प्रभाव क्या है –
यह एक गलत अौर नाकारात्मक व्यवहार है। कुछ लोग दूसरे के दिल अौर दिमाग पर हावी हो कर, उन्हें अपने तरीके से चलाने की कोशिश करते हैं। ऐसे करीबी लोग हीं करते हैं। अगर लोगों के व्यवहार पर गौर करेंगें, तब आप अपने आसपास ऐसे लोगों को आसानी से पहचान सकते हैं। इसका प्रभावित व्यक्ति के व्यक्तित्व पर बुरा असर पङता है।

अगर किसी में ये लक्षण  मौजूद हैं तब इसका अर्थ है उसके ऊपर कोई हावी  होने की कोशिश कर रहा है या  वह गैसलाइटिंग प्रभाव का शिकार है- 

  •  लगातार आरोपों  से  तार्किक  तरीके से सोचने में बहुत बार दुविधा व  उलझन में महसूस होने लगती है।
  • इस प्रभाव का शिकार लोगों को लगता है कि वे बहुत संवेदनशील या ईर्ष्यालू र्है।
  •  बिना  कारण  ये झूठ बोलने या  बातों को छूपाने / कवर करना शुरू कर देते हैं।
  • .घबराहत या भ्रम की वजह से  ये अक्सर “हाई अलर्ट” या हाइपरविजीलेंट रहते हैं।
  • बिना  गलती  या छोटी-छोटी   बातों पर ये  माफी मांगने  लगते हैं ।
  •  ये अक्सर बचनेवाला  व्यवहार / defensive behaviour दिखलाते   हैं।
  • अतिसंवेदनशील अौर सतर्क होने की वजह से ये हमेशा   घबराये  रहते है अौर  भविष्य की संभावित बातों से ङरते रहते हैं –   अौर  अनुमान लगाते रहते हैं कि भविष्यवाणी  मैं कुछ ( शायद  गङबङ) होने वाला है ।
  • बेवजह  परिवार और दोस्तों से  बात छुपाते  हैं।
  •  कभी-कभी  ये यहाँ तक सोच लेते हैं कि कहीं ये  पागल हो  नहीं हो रहे ।

 

गैसलाईटिंग  में लंबा समय लगता है अतः यह व्यक्ति के आत्मविश्वास और घटनाओं को समझने की अपनी समझदारी पर अविश्वास करने लगते हैं। जिससे  इनकी क्षमता कम होने  लगती है।  यह एक प्रकार के ब्रेनवॉश का तरीका है।, मूवी गैसलाइट (1 9 44) में, एक आदमी गैसलाइटिंग प्रभाव से अपनी पत्नी की ऐसी मनःस्थिती बना देता है, जब वह सोचने लगती है कि वह अपना दिमागी संतुलन खो रही है। इस शब्द की उत्पत्ति, 1 9 38 के एक नाटक और 1 9 44 के उपरोक्त फिल्म से हुई है।

 

Gaslighting

canine emotions- Poem

Canine Emotions –   Do you know,  an adult dogs’ mental level  is of  around 3 years old child and   have all of the basic emotions , such as : joy, fear, anger, disgust, and love.  It is also called canine emotion.

 

I think dogs are the most amazing creatures; they give unconditional love. For me, they are the role model for being alive.
—Gilda Radner

हम  हर बात में लाभ-हानी, अपना-पराया दैखते हैं।

परेशानी में कम ही हाथ मदद के लिये आगे बढ़ते हैं।

 बिना शर्त प्रेम या अनुराग इनमें दिखता है।

यह प्रेम बिना भाषा के  अपना रास्ता खोज लेती है।

2017-06-02 20.57.21.jpg

Images courtesy  Chandni Sahay

 

 

​जला हुआ जंगल छुप कर रोता रहा…..

जला हुआ जंगल छुप कर रोता रहा तन्हाई में,

लकड़ी उसी की थी उस दियासलाई में।

 

 

Source: ​जला हुआ जंगल छुप कर रोता रहा…..

Gratitude and love to you All – journey into yourself !

Wherever you go,

east, west, north or south,

think of it as a journey into yourself!

The one who travels into itself travels the world.

~ Shams Tabrizi

पहचान – कविता #JudgingPeople- poetry

मित्र आगमन पर नंगे पैर दौङ पङे कृष्ण,

ना कान्हा ने सुदामा  को आंका।

ना राम ने सबरी , हनुमान  को नापा।

हम किसी से मिलते हीं सबसे पहले,

एक- दूसरे को  भांपते है, आंकते है,

आलोचना -समालोचना करते हैं।

तभी सामने वाले का मोल तय करते हैं। 

रुप, रंग, अौकात …..

देख कर  लोगों को पहचानते हैं।

भूल जाते हैं , अगर  ऊपरवाला हमारा  मोल लगाने लगेगा,

तब हमारी पहचान क्या होगी ? हमारा मोल क्या होगा? 

Indispose,  Edition 172 –How do you feel when people judge you? Do you judge people as well?

image from internet.

लिखना क्यों जरुरी है ?

 

अपने तनाव और परेशानीयों को कम करने के लिए लिखें- डॉ. जेम्स डब्लू पेननेबैकर, मनोविज्ञान विभाग, टेक्सास विश्वविद्यालय, ऑस्टिन ने अभिव्यक्त पुर्ण लेखन के स्वास्थ्य  पर अनेक शोध में अनेक फायदे देखें हैं ।

अभिव्यक्ति लेखन: मन की बातें   लिखना  अभिव्यक्त का  रचनात्माक माध्यम  हैं । मन की  बातों को लिख कर अचेतन में दबी बातों के नाकारात्मक असर को कम किया जा सकता है।

लेखन एक चिकित्सा –  लेखन मात्र मनोरंजन नहीं, बल्कि एक तरह का  चिकित्सा भी है ।

अपने विचारों और भावनाओं को लिखें – अच्छे शारीरिक  और भावनात्मक स्वास्थ के लिए लिखना फायदेमंद है।

लेखन  मस्तिष्क  का व्यायाम है – एक नए अध्ययन में पाया गया कि लिखना  अौर  पढ़ना जैसे शौक  दिमाग-के व्यायाम  की गतिविधियों है, जो  हर  उम्र में लाभदयक है। यह याददाश्त, फ़ोकस, मूड आदि  में सुधार करता है।

e1

 

 

images from internet.

Why writing is so important?

Why writing is so important?

 

Start writing to ease  your stress and trauma – Dr. James W. Pennebaker,  psychology department, University of Texas, Austin, has conducted number  of the researches on the health benefits of expressive writing. It releases stress, anxiety and trauma.

Expressive Writing :Expressive Writing is  expressing yourself through writing which comes from your core.

 Writing is a therapy  too –  writing is creative  hobby which  helps you in healing too.

 Pen down your thoughts and feelings—Writing is a  way for leading a healty   physical and emotional life.

Writing is a brain-stimulating activity  –   A new study  found that reading books,  writing, following your hobbies are  brain-stimulating activities at any age. It  improves memory, focus, mood & many  more.

w

 

वर्णमालायें -कविता Alphabets-Poetry

 

“A good head and good heart are always a formidable combination. But when you add to that a literate tongue or pen, then you have something very special.”
― Nelson Mandela

मन में भरे हो असीमित, बेहिसाब  विचार,

दिल में हों जमाने भर के ख़याल।

लिपिबद्ध,

कुछ वर्णमालायें, कुछ अक्षर….शब्द, 

अल्फाबेट,  अलिफ़-बे,

हीं वे माध्यम हैं,  जो

लिखे-बेलिखे विचारों को

ऊतार देते है पन्नों पर।

e1.png

 

images from internet.

Free- Quote

Take someone who doesn’t keep score,

who’s not looking to be richer, or afraid of losing,

who has not the slightest interest even

in his own personality: she/ he’s free.

~ Rumi

Image from internet