Stay happy, healthy and safe –- 51

Yesterday is but a dream,

Tomorrow is only a vision. 

But today

well lived makes every yesterday a dream of happiness,

and every tomorrow a vision of hope.

 

 

― Kālidāsa, The complete works of Kalidasa

Kālidāsa –  Classical Sanskrit writer, regarded as the greatest poet and dramatist in the Sanskrit language, based on the Vedas, the Ramayana, the Mahabharata and the Puranas.

Stay happy, healthy and safe – 14

उतिष्ठत। जाग्रत।

प्राप्य वरान्निबोधत।

Transliteration:
utiṣṭhata। jāgrata। prāpya varānnibodhata।

English Translation:
Arise. Awake. And stop not till the goal is reached.

Hindi Translation:
उठो। जागो।

और तब तक नहीं रुकना जब तक लक्ष्य हासिल न हो।

 

Swami Vivekananada

Good compony

Sanskrit / संस्कृत श्लोक-

चन्दनं शीतलं लोके चंदनादपि चंद्रमा: |
चन्द्रचन्दनयोर्मध्ये शीतला साधुसंगत: ||

Meaning –

 

sandalwood is pleasant,

moon (or moon light) is more pleasant than sandal.

but, the  good company

is pleasant then both moon and sandal.

Anurakthi – World’s first 3D Sanskrit film screened at IFFI अनुरक्ति – दुनिया की पहली संस्कृत 3 डी फिल्म

First 3D Sanskrit feature film to hit festival circuit

World’s first 3D Sanskrit film screened at IFFI

 

The 3,000-year-old Sanskrit language may not be part of our daily discourse, but a filmmaker has shot a feature film in Sanskrit in 3D.  World’s first Sanskrit 3D film ‘Anurakthi is among the main attraction in 3D category at the ongoing International Film Festival of India in Panaji in Goa.

 

3,000 साल पुरानीकहलानेवाली संस्कृत भाषा हमारे दैनिक  बोलचाल  का हिस्सा नहीं हो सकती, लेकिन एक फिल्म निर्माता ने संस्कृत में 3 डी में फीचर फिल्म बनाई है। दुनिया की पहली संस्कृत 3 डी फिल्म ‘अनुरक्ति’ गोवा में पणजी में भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में 3 डी श्रेणी में मुख्य आकर्षण है।

संस्कृत बोलने वाला दुर्लभ गांव जहाँ हर घर में इंजिनियर हैं – समाचार (news- Sanskrit  speaking village of India, with many engineers)

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Sanskrit is believed to be a logical and spiritual language. It is also called as devbhasha  (language of God).     

तुंगा नदी के तट पर मत्तुर / माथुर ग्राम ( कर्नाटक राज्य, भारत, सामान्य भाषा कन्नड़ ) में बोलचाल के लिये  संस्कृत का  उपयोग किया जाता है. एक और अद्भुत बात है, जिन प्राचीन ग्रंथो को आज़ हम भूल रहे हैं. उन्हे   यहाँ के पारम्परिक विध्यालय में पढाते  है. इस गांवों में हर घर में इंजिनियर हैं. मान्यता है संस्कृत देव भाषा है और इस के  अध्ययन से आध्यात्मिकता  और तार्किकता बढती है.    

तब क्या संस्कृत को एक मृत भाषा कहना भ्रामक नहीं है?

छाया चित्र  इन्टरनेट से.