ख़्वाहिशों से बुने थे कुछ ख़्वाब
एक झटके में सारे ताने बाने बिखर गए.
हम समेटने में लगे हैं …….
यह जानते हुए कि जाना है एक दिन सबको .

(Bhartṛhari was a great Sanskrit poet, writer and a king who renounced the world. भार्तृहरि एक महान राजा व संस्कृत कवि थे, जिन्हों ने अपनी पत्नी के धोखे से आहत हो कर सन्यास ले लिया था।)

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