
लोग
ज़िंदगी की राहों में
लोगों को आने दो
….. जाने दो।
सिर्फ़ उनसे मिले
सबक़ अपना लो।
राहों में मिले टेढ़े-मेढ़े
लोग सीधे चलने की
सबक़ औ समझ दे जाएँगे।

लोग
ज़िंदगी की राहों में
लोगों को आने दो
….. जाने दो।
सिर्फ़ उनसे मिले
सबक़ अपना लो।
राहों में मिले टेढ़े-मेढ़े
लोग सीधे चलने की
सबक़ औ समझ दे जाएँगे।

कुंदन
ज़िंदगी के इम्तहानों में
तप कर सोना बने,
कुंदन हुए या
हुए ख़ाक।
यह तो मालूम नहीं।
पर अब महफ़िलें
उलझतीं नहीं।
बेकार की बातें
रुलातीं नहीं।
ना अपनी ख़ुशियाँ
कहीं और ढूँढते हैं ,
ना देते है किसी
को सफ़ाई ।
हल्की सी
मुस्कान के साथ,
अपनी ख़ुशियों पर
यक़ीं करना सीख रहें हैं।

ज़ुबान
ज़ुबान बंद रखना
तो ठीक है।
पर बिन बोले बातों का
वजन, बोझ बन जाता है।
और चुभता है, टूटे आईने
की किरचियों सा।
खामोशी की अदा
तब अच्छी है।
जब सुनने वाले के
पास मौन समझने
वाला दिल हो।
वरना लोग इसे
कमजोरी समझ लेतें हैं।

ज़िंदगी की किताब
ज़िंदगी के किताब
के पुराने पन्ने
कब तक है पढ़ना?
बीते पलों को
बीत जाने दो।
अतीत को
अतीत में रहने दो।
ज़िंदगी में आगे बढ़ो।
नए पन्नों पर कुछ
नया अफ़साना लिखो।

ज़िंदगी की राहें
मज़बूत दिखने वालों
की सच्चाई यह होती है,
कि वे कई बार टूट
कर बने होते हैं।
ज़िंदगी की राहों पर,
वे अकेला चलना
सीख चुके होतें हैं।

मुझ में किसी और
की ना खोज हो।
तुम में किसी
और की ना तलाश हो।
हम हम रहें,
तुम तुम रहो।
दूसरों की ज़िंदगी में अपनी
जगह ना बनाने की
कोशिश हो।
दूसरों को अपनी ज़िंदगी में
समाने की कोशिश ना हो।
किसी के साँचे में ना ढलो।
ना किसी और को
अपने साँचे में ढालो।
तुम तुम रहो, हम हम रहें,
ऊपर वाले ने कुछ
सोंच कर
हीं जतन से हर
मास्टरपीस बनाई होगी।

चले थे अपने आप को खोजने।
कई मिले राहों में।
पल-पल रंग बदलते
लोगों को खुश करने में,
अपने को बार-बार
नए साँचे में ढालते रहे।
ना किसी को खुश कर पाए,
ना अपने को खोज़ पाए।
दिल के अंदर झाँका,
तब समझ आया।
अपने आप को ख़ुश
रखने की ज़रूरत है।
दुनिया को नहीं…….।

ज़िंदगी के जंग में
कुछ लोग टूटते नहीं।
क्योंकि, वे कई बार
टूट टूट कर बने होते हैं।
वे अपने खंडित अस्तित्व में
सुकून खोज़ लेते हैं।
अपनी आँखों की चमक
और मुस्कान में ख़ुशियाँ
ढूँढ लेतें हैं।
ज़िंदगी की थकान में
अपनी रौशनी बनाए रखना
सीख लेते हैं।
चोट के निशानों में
निखारना सीख लेते है।

हँस कर चाँद ने कहा –
यूँ गौर से ना देखो मुझे।
ज़िंदगी ऐसी हीं है।
सिर्फ़ मेरा हीं नहीं,
हर किसी का स्याह
समय आता है।
पर सबसे अच्छी बात है,
अपने आप को पूर्ण
करने की कोशिश
में लगे रहना !!

मान कर चलो कि ज़िंदगी में अच्छा…
सबसे अच्छा समय
अभी आना बाकी है।
अपने अंदर की रौशनी
कभी मरने न दो।
तुम्हारा अपना सर्वश्रेष्ठ
करना ही काफी है।
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