Topic by YourQuote

Topic by YourQuote




Topic by YQ


झोंके ने मुआफ़ी माँग भी ली तो क्या,
दरख़्त से टूटे पत्तों ने कहा —
हम तो बिखर ही गए यहाँ।
ज़ख़्म भर भी जाएँ तो क्या,
निशान तो रहते हैं सदा।
कौन सुने अनकही दिल की दास्ताँ,
हर कोई अपने आप में गुम यहाँ।


Topic given by YourQuote.


You must be logged in to post a comment.