Tag: hindi poem
प्रार्थना
आँखें बंद कर हाथ जुड़ गए,
ऊपर वाले के सामने।
प्रार्थना करते हुए मुँह से निकला –
विधाता ! तुम दाता हो।
तुमसे प्रार्थना है –
जिसने मुझे जो, जितना दिया।
तुम उसे वह दुगना दो!
यह सुन ना जाने क्यों कुछ लोग नाराज़ हो गए।
ज़िंदगी के रंग – 216

Eternal Shine !!
नज़रिया
उन्मुक्त हवा-बयार बंधन में नहीं बँध सकती है।
दरिया में जहाज़ चलना हो,
तो मस्तूल या पाल को साधना होता है।
ख़ुशियाँ चाहिए तब,
नज़र आती दुनिया को नहीं
अपने नज़रिए को साधना होता है।
एक टुकड़ा ज़िंदगी का !!
विचारों, यादों के क़ैद में टुकडे टुकड़े ज़िंदगी क्या जीना ?
मन , विचार ज़िंदगी से बड़े कैसे हो सकते हैं?
ज़िंदगी है इसलिए मन है, विचार और यादें हैं.

जीवन के रंग – 115
शक और विश्वास जीवन के हिस्सें हैं.
शक ख़ुशहाल मन में भी
भय का अंधकार भर देता हैं.
विश्वास जीवन के भय भरे पलों में भी
ख़ुशियाँ और शकुन ला देता है.

your belief
Be not afraid of life.
Believe that life is worth living,
and your belief
will help create the fact.

Image courtesy – Chandni Sahay.
– William James
बिना ग़लती की सज़ा
पहेली
भविष्य टुकड़े टुकड़े बँटीं हुईं,
एक पहेली है.
जोड़ कर अनुमान
लगाने की कोशिश
में ज़िंदगी और बड़ीं
पहेली बना जाती है.
भविष्य बनाने की कोशिश के साथ ,
क्यों नहीं वर्तमान में जिया जाए ?

दिल और ज़ज्बातों के रिश्ते
सिमटते जा रहे हैं,
दिल और ज़ज्बातों के रिश्ते।
सौदा करने में जो माहिर है,
बस वही कामयाब है।

Unknown




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