राहें -कविता

We are stars wrapped in skin,
The light you are seeking has always been within.
~ Rumi

जिंदगी की राहें  सड़कों की तरह  कभी खत्म नहीं होती है,

मंजिल की दूरी से ङरने से अच्छा है, 

एक -एक कदम उठा कर  चलते जाना।

जब लगे, सारे रास्ते बंद हैं,  शुन्य से भी शुरु करने में भी क्या हर्ज़ है?

सफेद पन्ने पर फिर से जो चाहे लिखने का मौका  मिला है।

बस अपने अंदर की आग को जलते रहने देना है। 

जब किसी बात से हमारे कदम लङखङा जाते हैं, यह कविता  उस वक्त के  लिये है। पर विशष कर

उन बच्चों को समर्पित है, जिन्हों ने परीक्षा में अपने मन लायक सफलता – उपलब्धि नहीं पाई है। 

Image from internet.

जिंदगी के रंग- कविता 15

News PUNENewsline , Tuesday, MARCH 7, 2017

SSC Exam, Fearing paper leak cases,

 

फिसलते हुए वक्त को रोकना बस में नहीं है

जितना पकड़ो,

रेत की तरह मुट्ठी से रिस जाता है

बस बदलता ही रहता है  यह वक्त,

जिंदगी के  नये नये  परीक्षाअों  के साथ।

कितना भी पूछ लो पंडित नजूमियों से आगे क्या होगा???

कोई जवाब नहीं मिलता,

वक्त अौर जिंदगी में आगे क्या होगा ?

पर यह इंसान भी क्या चीज है,

खुद ही परीक्षा लेता है अौर

अक्सर  परीक्षा के पर्चे, परीक्षा से पहले

चंद सिक्कों के लिये  बेच दिया करता  हैं…………