जिंदगी की
यादें भी बङी बेवफा होतीं हैं,
जिन लम्हों पर कोई हक़ नहीं होता,
उन्हें हीं हक़ से याद करते रहतीं हैं,
जीवन के हर लम्हों में उन्हें
अपनेपन से
शामिल करते रहतीं हैं।
जिंदगी की
यादें भी बङी बेवफा होतीं हैं,
जिन लम्हों पर कोई हक़ नहीं होता,
उन्हें हीं हक़ से याद करते रहतीं हैं,
जीवन के हर लम्हों में उन्हें
अपनेपन से
शामिल करते रहतीं हैं।
यादें हँसाती हैं, गुदगुदाती हैं………
ये खजाने हैं बीते पलों के
पर कुछ रुला भी जातीं हैं।
पर यह भी एहसास दिला जातीं हैं……
तितलियों के रूपांतरण (metamorphosis)
जैसा बदल लो जिंदगी को।
जी लो हर पल को ……….