दिल से निकले
शब्द, लफ्ज़, बातें वो जादू कर सकते हैं,
जो शायद विधाता रचित
सुंदरतम चेहरा नहीं कर सकता।
दिल से निकले
शब्द, लफ्ज़, बातें वो जादू कर सकते हैं,
जो शायद विधाता रचित
सुंदरतम चेहरा नहीं कर सकता।
दिल पर लगी चोट,
आँसू बन कर बह जाते हैं।
सूखी आँखें अौर
वर्षा के बाद के
धुले असमान देख कर क्या लगता है ,
कभी इतनी तेज़ आँधी आई थी?
मन अौर दिल पर लगे,
हर चोट के निशान ने मुस्कुरा कर
ऊपरवाले को शुक्रिया कहा…..
जीवन के सभी सबक, पीड़ा अौर आघात
वे तमगे अौर पदक हैं,
जिन्हों ने जीना सिखाया।
बिन मोल के ये अक्षर अौर शब्द तब अनमोल हो जाते हैं,
जब
उन के भूलभुलैया में उलझ कर,
उन से बनी हुई कविताअों,
के शब्दों का
जादू
दिल छू जायें !!!

आँखों की चमक ,
होठों की मुस्कुराहटों ,
तले दबे
आँसुओं के सैलाब ,
और दिल के ग़म
नज़र आने के लिये
नज़र भी पैनी चाहिये.
कि
रेत के नीचे बहती एक नदी भी है.

(हौलदिल – संग यशब नाम के चौकौर पत्थर के टुकडे पर कुरान की एक विशेष आयत खुदी रहती हैं. इसे रोगोंबाधा दूर करने के लिये पहना जाता हैं.)
WHO and various institutions have found negative effect of excessive use of mobile on our health.
image from internet.
You must be logged in to post a comment.