लोग नहीं बदलते।
फ़रेबी अक्सर धोखे-बाज़ साबित होतें हैं।
वस्ल का वादा करतें है
लेकिन कभी वफ़ा नहीं करतें।
कभी दोस्त, कभी माशूक़ ,
कभी अपना… करीबी बन,
दिखा देतें हैं अपनी फ़ितरत।
अक्सर लोग नहीं बदलते।

लोग नहीं बदलते।
फ़रेबी अक्सर धोखे-बाज़ साबित होतें हैं।
वस्ल का वादा करतें है
लेकिन कभी वफ़ा नहीं करतें।
कभी दोस्त, कभी माशूक़ ,
कभी अपना… करीबी बन,
दिखा देतें हैं अपनी फ़ितरत।
अक्सर लोग नहीं बदलते।


हवा में लहराती,
दुनिया रौशन करने की ख़ुशी से नाचती सुनहरी,
लाल नारंगी लौ क्या जाने,
बाती के जलने का दर्द।
जलती बाती क्या जाने गर्म-तपते तेल की जलन?
ना लौ, ना बाती, ना तेल जाने
दीये के एक रात की कहानी।
जल-तप दूसरों को रौशन करती,
अपने तले हीं अंधकार में डूबा छोड़।
पता नहीं किसका दर्द बड़ा ?
पर सब जल-तप करते रहते हैं रौशन राहें।

ज़िंदगी सफ़र है
मिलने-बिछड़ने और खोने-पाने का।
कई अपने खो जातें है राहों में।
साथ छोड़ जातें है कई दोस्त बहारों में।
ख़ुद को ना खोना कभी,
किसी को पाने की ज़िद में।
किसी को मनाने की जिद में।
कोई मोल समझे ना समझे,
ना भूलो अपना अनमोल मोल
कि तुम अर्श….आसमान का सितारा हो।

Psychological fact- Self acceptance and self-love are important for living happier and healthier in every aspect of our life.
जो सोन्धी सी ख़ुशबू बिखेर जाती है।
जो मेरी बालकोनी की फ़र्श आईना बना
मेरा अक्स अपने वजूद में झलका जाती है।

Topic- YourQuote
ग़र अपना साथ ख़ुशियाँ देने लगे,
तब ख़ुद को जीतने की राहों पर हैं।
ग़र दूसरों से प्यार पा ख़ुश रहने की
ख्वाहिशें कम होने लगे,
तब ख़ुद से प्यार करने की राहों पर हैं।
ग़र दर्द भरे पलों में मुस्कुरा रहे हैं,
तब निर्भय होने की राहों पर है।
ग़र एकांत ख़ुशनुमा लगने लगा है,
तब अध्यात्म की राहों पर हैं।
यह जोखिम भरा शग़ल मीठा सा नशा है।
पर तय है, इसमें सुकून अनलिमिटेड है।

ढलती धुआँ धुआँ सी
शाम सामने आते रात के
साँवले अँधेरे को ताक,
हँसी और बोली आज़ गुज़र गई,
फिर कल आऊँगी।
भीगी भीगी शाम की दहलीज़ पर
तुम फिर मुझे ढूँढते आओगे।
पर तुम करो आसनाई चरागों से।
हमें अंधेरे रास नहीं आते।


कुछ लोगों को दूसरों को
इस्तेमाल करने की आदत होती है।
अगर ना करने दिया
तो नाराज़ हो जातें हैं।
पर समझा करो यार –
हर कोई यूज़ एंड थ्रो नहीं होता।

विदा करने की हो न हो चाहत।
पर रुख़्सत करना पड़ता है।
चाहे गुज़रे किन्ही हालातों से।
चाहे कैफ़ियत कई हो दिल में।
पर आनेवाले को जाने देना पड़ता है।
दुनिया की है यह रीत।

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