दुनिया

दुनिया है बड़ी अजीब।

तोड़ते हैं लोग दिल और वादे।

पकड़ते हैं बातों को।

तोड़ते-मरोडते हैं बात बनाने के लिए बातों को।

फिर भी चाहतें हैं,

लोग उनकी बातों पर यक़ीन करें।

उनके हाथों तोड़े अपने दिल में उन्हें जगह दें।

Psychological Fact – The manipulator deliberately creates an imbalance of power and exploits the victim to serve his or her agenda.

Symptoms of manipulators – lying. Excuse-making. Being two-faced. Blaming the victim for causing their own victimization. Deformation of the truth.

रो देती है रात

कितने ख़्वाब सजाती है रात।

लोगों के टूटते ख़्वाबों को देख रो देती रात।

कई अफ़साने-ए- इश्क़ बिखरते देख,

टूटे दिलों को, पीते अश्क देख,

रो देती है, अंधेरी से अंधेरी रात।

धोखा देने वालों की चैन की नींद देख,

रश्क से भर रो देती है चाँदनी रात।

हर पत्ते पर शबनम की बूँदें गवाह है

रजनी….रात के आँसुओं के, कि

दूसरों के दर्द से भर रो देती है रात।

TopicByYourQuote

मन का अँधेरा

मन के अंधेरे को दूर करने के लिए,

आशा का इक चराग़ काफ़ी है।

हौसले की कौंधती बिजली,

कुछ उम्मीद की किरणें

शीतल चाँद की चाँदनी काफ़ी हैं।

कितनी भी अँधेरी रात हो,

रौशन करने को इक आफ़ताब काफ़ी है।

मन के अंधेरा दूर करने के लिए

मन में, टिमटिमाते सितारे सा उल्लास काफ़ी है।

#yourQuoteTopic

चाँद और सितारे

जब अपनी चाँदी सी सुकून भरी चाँदनी भर देता हैं चाँद,

खुली खिड़कियों से कमरे में।

तब हम अक्सर गुफ़्तगू करते हैं चाँद और सितारों से।

वातायन से झाँकता चाँद हँस कर कहता है,

दूरियाँ-नज़दीकियाँ तो मन की बातें है।

कई बार लोग पास हो कर भी पास नहीं होते।

रिश्तों में बस शीतलता, सुकून और शांति होनी चाहिए।

देखो मुझे, जीवन में घटते-बढ़ते तो हम सब रहते हैं।

मुस्कुरा कर सितारों ने कहा हैं-

याद है क्या तुम्हें?

हमें टूटते देख दुनिया अपनी तमन्नाएँ औ ख़्वाहिशें

पूरी होने की दुआएँ माँगती है, हमारा टूटना नहीं देखती।

फिर भी हम टिमटिमाते-खिलखिलाते रहते हैं।

कभी ना कभी सभी टूटते औ आधे-अधूरे होते रहतें हैं।

बस टिमटिमाते रहो, रौशनी और ख़ुशियाँ बाँटते रहो।

क्योंकि सभी मुस्कुराहटों और रौशनी की खोज़ में है।

चूना लगाना

पान पर चूना लगाते लगाते

कई लोग अपनों को चूना लगाने लगते हैं ।

वे यह भूल जाते हैं कि पान पर अधिक चूना,

खाने वाले के मुँह में छाले कर देता हैं

और गाल के अंदर नरम परतों

को काट देते हैं ।

वैसे हीं अपनों को लगाया चूना

रिश्तों को काट देता हैं।

#topicByYourQuote

भटका दिया ज़िंदगी ने मुझे

कुछ पलों के लिए लगा,

भटका दिया ज़िंदगी ने मुझे ।

जब दिल की गहराईयों में झाँक

तब समझ आया।

ज़िंदगी ने नहीं,

जिनसे राहें पूछी थीं,

उन लोगों ने भटका दिया था।

ज़िंदगी ने तो भटके राहों पर,

अँधेरे पलों में भी

कई सबक़ सिखा दिये।

वापस सही राहों पर ला दिया।

topic

वजूद

मेरे वजूद का एक हिस्सा

कहीं पीछे छूट गया है,

बिना क़र्ज़ अदा किए

छोड़ जानेवाले के साथ।

अपने हिस्से की जिम्मदारियों

के क़र्ज़ उतारते उतारते

ज़िंदगी में आगे बढ़ गई हूँ ।

मगर ज़िंदगी का ब्याज

ख़त्म होता नहीं।

Topic by -YourQuote

मनमौजी बयार

जिन्हें अपना पता मालूम नहीं,

वो दूसरों को राहें क्या बताएँगे?

बस थोड़ा सुकून और शीतलता

देने की कोशिश कर सकते है।

ताज़गी भरी स्वच्छंद, मनमौजी,

बहती-झूमती बयार ने कहा।

ख़ुश रहने के लिए

खुशियां न तो मिलती है हाट-बाज़ार में|

ना पढ़ाया जाता है किसी पाठशाला में |

कुछ समय की खुशियाँ पा सकते हैं,

मादक नशा, और दुनियावी बातों में।

पर हमेशा खुश रहने के लिए,

झाँकना पड़ता है अपने दिल में।

अगर दिल औ रूह में रूहानियत हो,

तो हर हाल में खुश रहना आ जाता है।

Topic by YourQuote.

गुलाब को कमल क्यों बनना?

जब लोग आपको तराशने और अपने साँचे में ढालने लगे।

आपको काट-छाँट औ कतर कर अपने पसंद लायक़ बनाने लगें।

तब बेहतर है संभल जाना।

हर फ़ूल अपनी सुगंध और ख़ूबसूरती ले कर आया है।

क्या कभी गुलाब को कमल बनाने का ख़्याल भी मन में आया है?

फिर अपने को खो कर किसी जैसा,

किसी के पसंद सा क्यों बनाना?

सच तो ये है कि अपने को गवाँ कर नहीं पाया जा सकता किसी को।