
ज़िंदगी के जंग में
कुछ लोग टूटते नहीं।
क्योंकि, वे कई बार
टूट टूट कर बने होते हैं।
वे अपने खंडित अस्तित्व में
सुकून खोज़ लेते हैं।
अपनी आँखों की चमक
और मुस्कान में ख़ुशियाँ
ढूँढ लेतें हैं।
ज़िंदगी की थकान में
अपनी रौशनी बनाए रखना
सीख लेते हैं।
चोट के निशानों में
निखारना सीख लेते है।







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