ज़िंदगी के रंग – 197

यह जीवन एक यात्रा है, निरंतर बहते जल प्रवाह सा. हर किसी की अपनी यात्रा होती और अपने-अपने नियम. इस सफ़र में कुछ लोग साथ आते हैं, साथ चलते हैं. कुछ साथ छोड़ जातें हैं और कुछ जीवन भर साथ निभाते हैं. कुछ चाल चलते हैं. कुछ शह और मात दे जाते हैं कुछ अपनेपन से, कुछ खेल भावना से और कुछ राग, ईर्ष्या व द्वेष से खेलते हैं, शतरंज के खेल की तरह. पर यह भूल जातें हैं कि इस खेल में चले क़दम वापस नहीं होते. और हर क़दम होता है आईना उनके व्यक्तित्व का.

Painting courtesy- Lily Sahay