WHY CLING?

Why cling to one life
till it is soiled and ragged?

The sun dies and dies
squandering a hundred lived
every instant

God has decreed life for you
and He will give
another and another and another

(translated by Daniel Liebert)
Mathnawi V. 411-414 (translated by Kabir Helminski)
The Rumi Collection, Edited by Kabir Helminski

सूरज ङूब गया

जीवन की शाम हो चली थी,

थका-हारा सूरज झुका,

थोङा रुका

….गुफ्तगु के इरादे से या

शायद फिर से आने का

वायदा करना चाहता था धरा से।

पर तभी छा गये बीच में काले बादल।

अौर बिना रुके…..

बिना कुछ कहे सूरज ङूब गया,

कभी नहीं वापस आने को।

लोग

एक नरम मुलायम धूप

हौले हौले चलती कांच के दरवाजे से

गुजर कर पैरों तक आ गई.

गुनगुनी सी धूप सर्द मौसम में

नरम रजाई सी तलवों को ढक कर सुकून देने लगी .

कुछ ही देर में धूप की तेज़ होती गरमाहट चुभने लगी ।

कुछ लोग भी ऐसे होते हैं,

शुरू में नरम और बाद में चुभने वाले।

शुभ मकर संक्रांति, लोहड़ी व पोंगल! Happy Makar Sankranti, lohadi n Pongal!!

सूर्य दक्षिण जा बैठा और सर्द मौसम ने चादर फैला लिया. अब सूरज उत्तर की यात्रा पर निकला है, कर्क से मकर की ओर. अब रातें छोटी और दिन लम्बी होगी. सूर्य की गुनगुनी धूप में आकाश रंग-बिरंगी पतंगो से जगमगा उठेगा. नदियों-तीर्थों पर उपासक प्रकृति के सम्मान में सूर्य को नमन करेंगे. जीवन नव धान्य, गुड-तिल के माधुर्य से भर जाएगा.

मान्यता है कि काले रंग की साड़ी और मृग चर्म की कंचुकी, नीलम का आभूषण, अर्क पुष्प की माला धारण किए हुए “संक्रांति” आती है, जो सुख सम्पन्नता का प्रतीक है. मानव जीवन के आधार – प्राकृतिक को, कृतज्ञता अर्पित करते इस पावन त्योहार पर आप सबों को हार्दिक शुभकामनाएं!!

भास्करस्य यथा तेजो मकरस्थस्य वर्धते।
तथैव भवतां तेजो वर्धतामिति कामये।।
मकरसंक्रांन्तिपर्वणः सर्वेभ्यः शुभाशयाः।

Tribute to Swami Vivekananda !! (12 January 1863 – 4 July 1902)

वेदांत के विख्यात और प्रभावशाली आध्यात्मिक गुरु स्वामी विवेकानन्द का जन्म: 12 जनवरी,१८६३ – मृत्यु: ४ जुलाई १९०२ में हुआ था. उन्होंने शिकागो में सन् १८९३ में आयोजित विश्व धर्म महासभा में भारत की ओर से सनातन धर्म का प्रतिनिधित्व किया था। भारत का आध्यात्मिकता से परिपूर्ण वेदान्त दर्शन अमेरिकाऔर यूरोप के हर एक देश में स्वामी विवेकानन्द की वक्तृता के कारण ही पहुँचा. उनकी बोली पंक्तियाँ आज भी शिकागो आर्ट इन्स्टिट्यूट की सीढ़ियों पर जगमगा रहीं हैं. उन्हें श्रद्धा सुमन !!!

Swami Vivekananda / Narendranath Datta or Naren was borne in Calcutta, the capital of British India, on 12 January 1863 during the Makar Sankrantifestival. He was a key figure in the introduction of the Indian philosophies of Vedanta and Yoga to the Western world.

On 11th September 1893 Swami Vivekanand gave famous speech at Chicago. Still on the stairs of Chicago Art Institute Swamiji’s 473 words are illuminating. Still registering relevancy.

शुभ विश्व हिन्दी दिवस: 10 जनवरी Happy World Hindi Day :10 January

विश्व हिन्दी दिवस प्रति वर्ष 10 जनवरी को मनाया जाता है। इसकी शुरुआत 2006 में हुई थी. इसका उद्देश्य विश्व में हिन्दी के प्रचार-प्रसार के लिये जागरूकता पैदा करना तथा हिन्दी को अन्तरराष्ट्रीय भाषा के रूप में पेश करना है।