मिलाता है हमें वो फ़ासला

 

 

हम से मत पूछो कि इक वो चीज़ क्या दोनों में है
जो मिलाता है हमें वो फ़ासला दोनों में है।

~~~कुंवर बेचैन

6 thoughts on “मिलाता है हमें वो फ़ासला

Leave a reply to Rekha Sahay Cancel reply