ज़िंदगी के रंग – 104

क्यों कड़वाहट बाँटते है कुछ

क्या थोड़ी भी मिठास नहीं

उनके दिलों में ?

या दिल हीं नहीं ?

बाँटना ना आए तो

ना बाँटों कुछ खट्ट या मीठा ,

मौन रहो .

पीड़ादायक दिल के लिए वह भी

मलहम का काम करेगा .

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