सँभालने की कोशिश में…….
तराशने की कोशिश में ……..
हथेलियाँ छालों से भर गये.
छलक पड़ें आँसू,
रुह तक ऊतर आई
जिंदगी की दी खरोचें।
मुझसे बड़ी ख़फ़ा – ख़फ़ा
लगती है यह जिन्दगी।

सँभालने की कोशिश में…….
तराशने की कोशिश में ……..
हथेलियाँ छालों से भर गये.
छलक पड़ें आँसू,
रुह तक ऊतर आई
जिंदगी की दी खरोचें।
मुझसे बड़ी ख़फ़ा – ख़फ़ा
लगती है यह जिन्दगी।

साधकर फूलों से चेहरे पर निशाने काँच के, दे गए अनगिन खरोंचें दोस्ताने काँच के ।
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बिलकुल सही जितेंद्र जी . ये आपकी रचना है क्या ?
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जी नहीं रेखा जी । मुझ में कविता या शायरी लिखने की योग्यता नहीं है । यह शेर किसका है, मैं आपको मालूम करके बताऊंगा ।
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आप कविता नहीं लिखते तो क्या हुआ? इतने अच्छे लेखक हैं।
सच कहूँ, तो कविता लिखना लेख लिखने से सरल है।
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आप मुझे अच्छा लेखक मानती हैं, यह आपका बड़प्पन है और मैं आभारी हूँ । यह शेर प्रसिद्ध कवि एवं शायर डॉ॰ कुँअर बेचैन का है ।
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अगर किसी की २-४ पंक्तियाँ हीं आपके तकलीफ़ में तसल्ली पहुँचाए तो उसे बड़ा तो मानना होगा .
मैं उनकी और रचनायें भी पढ़ूँगी. धन्यवाद जितेंद्र जी .
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आपकी दोनों रचनायें – दोस्ती और भूमिपुत्र रोचक हैं. आपकी लेखन शैली हमेशा की तरह प्रभावशाली है . आपने पटना के backdrop में लिखा है, अच्छा लगा. मैं पटना से हूँ . क्या नाटक की शैली में लिखना कठिन होता है ?
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हार्दिक आभार रेखा जी । सब कुछ अभ्यास पर निर्भर करता है । मैंने ‘दोस्ती’ सन 2003 में एक नाटक मंचित करने के इच्छुक अपने मित्रों के आग्रह पर तब लिखा था जब मैं बिल्कुल अनुभवहीन था । उसके उपरांत मैंने तीन नाटक (एकांकी) और लिखे लेकिन ‘दोस्ती’ ही मंचित हुआ । आज पंद्रह साल बाद भी यह लोकप्रिय है और विभिन्न नाट्य समूह इसका प्रदर्शन करते रहते हैं । हाल ही में हैदराबाद में भेल से जुड़े हुए एक समूह ने इसे पुनः मंचित किया है । मैं आपको यूट्यूब लिंक दे दूंगा ताकि आप देख भी सकें कि यह मंच पर कलाकारों द्वारा अभिनीत किए जाते हुए कैसा लगता है ।
आप पटना से हैं, जानकर अच्छा लगा । मैंने ‘भूमि-पुत्र’ नवम्बर 2008 में तब लिखा था जब मैं मुम्बई में एक क्षेत्रवादी नेता द्वार यूपी-बिहार वालों के विरुद्ध चलाए जा रहे नकारात्मक एवं अभियान से आहत था । इसीलिए मैंने इस नाटक की घटनाओं की पृष्ठभूमि पटना को बनाया था ।
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आपकी दोनो रचनाएँ burning topics पर है अौर समकालीन होने की वजह से आज भी मंचित होतीं रहतीं हैं। बहुत बधाई !! मुझे youtube link जरुर दे दें।
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Mmm.Nice scenery
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Thank you. It’s captured by my daughter.
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Really…So cute !
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Thank you.
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बहुत सुंदर रचना
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धन्यवाद प्रतिमा.
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