जिंदगी के रंग – 43

ज़िंदगी मुझे

आज़माने की ज़िद ना कर।

तु इतनी ख़ूबसूरत है
कि

बन गई है जुनून  मेरी।

तु वह  आग है जो

जलाती है

और सिखाती भी है।