नीर या बर्फ के फूल ?

रंग बदलते मौसम, रंग बदलती दुनिया,

रस्ते बदलते दरिया और नादियाँ देख,

हर साँचे में ढलने वाले पानी के कहा – देख

वक़्त के साथ बदलना नहीं है मीनमेख।

नीर ने कहा, हर हाल में ख़ुश रहना सीख।

हमने तो सीख लिया हर हाल में ढलना।

भाप, बुलबुले बर्फ, नीर बन बह चलना।

ठंड में नाचते बर्फ के क्रिस्टल बन पलना।

बुलबुले से विलीन हो सम्मोहन बर्फ के फूल में खिलना।

जब अपना समय आएगा, बर्फ फिर नीर बन जाएगा।

Be melting snow!

Be melting snow.

Wash yourself of yourself.

 

Rumi ❤️

 

 

Kindness is like snow

Kindness is like snow,

It beautifies everything it covers

 

~ Kahlil Gibran

melting snow

Be

  melting

          snow.

               Wash

                    yourself

                             of yourself.

 

                                                       Rumi