थक कर ना बैठ

Unknown

अद्भुत रचनाकार

अद्भुत रचनाकार

की तुलिका के जादू से रंगे

इस कायनात …. जहाँ……दुनिया में

मदिर मादक महक …सौंदर्य ….

ख़ूबसूरत रंग भरे है ,

हम सब देखते हैं.

पर उसके रचनाकार को नहीं खोजते

और ना उसके संदेश को पढ़ते है .

ख़त

एक ज़माना था

जब किताब लेना देना

और लौटाना तो बहाना था .

ख़ुशबू में डूबे ख़तों

का यह राह पुराना था .

पर उन पैग़ामों का क्या ……

खोजने वाले पन्ने पलटे रहे

बातें अनकहे लबों और

झुकी नज़रों में छुपी रह गई .

सागर और दुनिया

सागर वही है ….एक ही है सबके लिए .

कोई मोती , कोई मत्स्य और

कोई सीपियाँ चुन लाता है .

किसी को नमकीन …खारा दिखता है ,

किसी को अमृत और लक्ष्मी का

जन्म दाता दिखता है.

ऐसी हीं यह दुनिया है .

यहाँ जो जैसा चाहता है ,

वैसा हीं पाता है .

विपत्ति के मित्र

तुलसी साथी विपत्ति के, विद्या विनय विवेक|

साहस सुकृति सुसत्यव्रत, राम भरोसे एक ||

तुलसीदास जी कहते हैं, किसी विपत्ति के समय आपको ये सात गुण बचायेंगे–

आपका ज्ञान या शिक्षा,

आपकी विनम्रता,

आपकी बुद्धि,

आपके भीतर का साहस,

आपके अच्छे कर्म,

सच बोलने की आदत

और ईश्वर में विश्वास .

जिंदगी का फैसला

जिनके पास अपने हैं,

वो अपनों से झगड़ते हैं.

जिनका कोई नहीं अपना,

वो अपनों को तरसते हैं.

कल न हम होंगे न गिला होगा।

सिर्फ सिमटी हुई यादों का सिललिसा होगा।

जो लम्हे हैं चलो हंसकर बिता लें।

जाने कल जिंदगी का क्या फैसला होगा।

Unknown

राधाकृष्ण Radha-Krishna – Poem

The divine, eternal, and spiritual  love –  Krishna went to  Radha to bid his farewell before leaving Vrindavan. They spent a few minutes without a word. They knew each other’s feelings.  Words had little meaning to convey their love.

 

कान्हा ने राधा से पूछा, कहाँ है तु खोई-खोई?

क्यों तु  लग रही है  रोई-रोई  ?

राधा ने कहा —

कुछ रिश्ते भावनाअों -एहसासों मे ङूबे होते हैं।

इसलिए निर्दोष होते हैं …
 सुंदर होते हैं…… 
मैंने जितना तुम्हें  खोजा,
जितना अधिक जाना,
उतना  अौर पाना चाहा, पर पाया  नहीं !

कान्हा ने कहा – इसलिये क्योकिं,

अपने दिल में तो तुने झाँका हीं नहीं……

हर मंदिर में तु ही तो  होती है  मेरे साथ। 

 

राधा-कृष्ण के आध्यात्मिक रिश्ता अौर अलौकिक प्रेम की अनेकों कहानियाँ है। वृंदावन छोङने से पहले कान्हा, राधा से मिले। पर दोनों  कुछ नहीं  बोल रहे थे, बस चुप थे। पर मौन की भी अपनी एक भाषा होती है।

 

 

 

 

 

 

अभिमन्यु की तरह (कविता) poem of an unborn baby

मेरी पाँच कविताएँ / My 5 Poems Published in She The Shakti, Anthology– POEM 2

 

चक्रव्यु तोङने वाले ,

अभिमन्यु की तरह सुनती वहाँ,

बाहर की बातें –

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ,

मुझे नहीं पता, मैं कौन हूं? बेटा या बेटी ?

पर बङे शुकून से मैं थी वहाँ,

सबसे सुरक्षित, महफूज।

तभी, एक दिन किसी ने प्रश्न किया –

बेटा है या बेटी ?

आवाज आई – बेटी !!

धीमा सा उत्तर आया – नहीं चाहिये, गिरा दो ।

 

Source: अभिमन्यु की तरह (कविता) poem of an unborn baby

 

Image from internet.

आँसू और अफीम – कविता 

Opium addiction in Rajasthan, India :  A social Issue —- Poppy flowers are  very beautiful and delicate.  Opium is produced from it.  India  is the only country ,   produces opium gum legally  and one of very few countries that legally allows  growing poppy  to get opium for medicinal purpose.

But the negative aspect is – drug trafficking  and opium  addiction, As no. of  opium   users  are increasing day by day, specially in Rajasthan.

 

पेड़ की छाया में बैठे पुरुषों की 

अफीम की पिनक में डूबी मजलिस ने,

गुङगुङाते हुक्के का धुआँ उडाते हुए दूर ….. देखा………..

रंग बिरंगे ,  शीशे जड़े लहँगें-चोली  में मीलों से

 तपती  रेत पर, ठंडे  पानी के

घड़े  एक पर एक  रख 

गाती गुनगुनाती औरतों को.

अौर  कहा – 

 इन लुगाईयों के मजे तो  देखो ,

गीत गा रहीं है , ना दिखता है

 हम कब से भूखे बैठे है ……

पर क्या उन्हे दिखता है लुगाईयों के 

 गर्म रेत से पड़े पैरों के छालें 

और चूल्हे की लकड़ी से उठे धुयें से आये आँसू  ???

  फ़िर भी …..

वे पॉपी के फूलों सी नाजुक  अौरतें

 गाती गुनगुनाती रहती है …..

R w

 

राजस्थान, भारत में अफीम की लत: एक सामाजिक मुद्दा है —-पॉपी के फूल बङे नाजुक अौर सुंदर होते हैं। इसे अफिम तैयार किया जाता है।   भारत एकमात्र देश है जो कानूनी तौर पर अफीम गम का उत्पादन करता है । यह उन गिनती के  देशों में से एक है, जो कानूनी रूप से औषधीय उद्देश्य के लिए  अफीम प्राप्त करने के  लिये पॉपी की  खेती की अनुमति देता है।

लेकिन नकारात्मक पहलू है – अफीम की तस्करी और  दिन पर दिन   नशेङियोँ कि संख्या में वृद्धि।

 

 

Images from internet.

canine emotions- Poem

Canine Emotions –   Do you know,  an adult dogs’ mental level  is of  around 3 years old child and   have all of the basic emotions , such as : joy, fear, anger, disgust, and love.  It is also called canine emotion.

 

I think dogs are the most amazing creatures; they give unconditional love. For me, they are the role model for being alive.
—Gilda Radner

हम  हर बात में लाभ-हानी, अपना-पराया दैखते हैं।

परेशानी में कम ही हाथ मदद के लिये आगे बढ़ते हैं।

 बिना शर्त प्रेम या अनुराग इनमें दिखता है।

यह प्रेम बिना भाषा के  अपना रास्ता खोज लेती है।

2017-06-02 20.57.21.jpg

Images courtesy  Chandni Sahay