खोज

चले थे अपने आप को खोजने।

कई मिले राहों में।

पल-पल रंग बदलते

लोगों को खुश करने में,

अपने को बार-बार

नए साँचे में ढालते रहे।

ना किसी को खुश कर पाए,

ना अपने को खोज़ पाए।

दिल के अंदर झाँका,

तब समझ आया।

अपने आप को ख़ुश

रखने की ज़रूरत है।

दुनिया को नहीं…….।

ज़िंदगी के जंग

ज़िंदगी के जंग में

कुछ लोग टूटते नहीं।

क्योंकि, वे कई बार

टूट टूट कर बने होते हैं।

वे अपने खंडित अस्तित्व में

सुकून खोज़ लेते हैं।

अपनी आँखों की चमक

और मुस्कान में ख़ुशियाँ

ढूँढ लेतें हैं।

ज़िंदगी की थकान में

अपनी रौशनी बनाए रखना

सीख लेते हैं।

चोट के निशानों में

निखारना सीख लेते है।

चाँद

हँस कर चाँद ने कहा –

यूँ गौर से ना देखो मुझे।

ज़िंदगी ऐसी हीं है।

सिर्फ़ मेरा हीं नहीं,

हर किसी का स्याह

समय आता है।

पर सबसे अच्छी बात है,

अपने आप को पूर्ण

करने की कोशिश

में लगे रहना !!

अंदर की रौशनी !!!

मान कर चलो कि ज़िंदगी में अच्छा…

सबसे अच्छा समय

अभी आना बाकी है।

अपने अंदर की रौशनी

कभी मरने न दो।

तुम्हारा अपना सर्वश्रेष्ठ

करना ही काफी है।

रौशनी!!!

मान कर चलो कि ज़िंदगी में अच्छा…

सबसे अच्छा समय

अभी आना बाकी है।

अपने अंदर की रौशनी

कभी मरने न दो।

तुम्हारा अपना सर्वश्रेष्ठ

करना ही काफी है।

कोशिश

सूरज रोज़ निकलता है!

कोशिश मायने रखती है।

परिपूर्ण मत बनो,

वास्तविक बनो।

मान कर चलो कि ज़िंदगी

में अच्छा…

सबसे अच्छा समय

अभी आना बाकी है।

वहम

कुछ लोगों को लगता है,

वे हमेशा सही हैं।

उनसे सही दूरी

बनाए रखनी चाहिए।

क्योंकि ऐसे लोग

अपने वहम में ज़िंदगी

से कुछ सीखते ही नहीं।

दूरियाँ-नज़दीकियाँ

ना दूरी ना नज़दीकी

रिश्ते बनाती या बिगड़ती है।

वह तो सरसब्ज़ ….सदाबहार

प्रीत और चाहत होती है।

राधा पास थी,

पर अपनी बनी नहीं।

मीरा सदियों दूर थी,

पर कान्हा उनके अपने थे।

खोने का डर

इस दुनिया के मेले में,

लोगों को खोने से

परेशान न हो।

सब को खुश करने की

कोशिश में ,

रोज़ एक मौत ना मरो।

एक बात सीख लो!

खुद को खो कर खोजने और

संभलने में परेशानी बहुत है।

वक्त

कहते हैं,

बुरा हो या भला हो,

हर वक्त गुजर जाता है।

पर कुछ वक्त कभी मरते नहीं,

कभी गुजरते नहीं।

जागते-सोते ख़्वाबों ख़्यालों में

कहीं ना कहीं,

शामिल रहते हैं।

ज़िंदगी का हिस्सा बन कर।