मिट्टी में दबे बीज सी है ज़िंदगी !

ना डरो,

जब चारो ओर गहन अँधेरा दिखे।

जब लगे, हो रहा सब ख़त्म।

तभी अंकुर निकलता है,

ऊपर बढ़ने के लिए।

रौशनी से होती है मुलाक़ात।

नीचे जड़े सहारा देने लगती हैं।

मिट्टी में दबे बीज सी है ज़िंदगी भी।

जीवन सार

तन थके तो आराम चाहिए।

मन थके तो सुकून चाहिए।

“जो होगा अच्छा होगा”

मन के सुकून और शांति के लिए,

यह विश्वास क़ायम रखना है ज़रूरी।

कोशिश से बना सकते है यह यक़ीन।

गीता में छुपा है यह जीवन सार –

जो हुआ अच्छा हुआ।

जो हो रहा है वह अच्छा है।

जो होगा वह भी अच्छा होगा।

एक अरसा हो गया ख़ुद से मिले…

हमें मालूम है तुम्हें,

एक अरसा हो गया है ख़ुद से मिले।

दुआ देतें हैं, तुम्हें तुम जैसा कोई मिले।

उस आईने में,

अक्स से नज़रें मिला सको तो देखना

तुम्हें अपना व्यवहार

अपना किरदार नज़र आएगा।

#TopicByYourQuote

ये भी याद है !

मुलाक़ात न होने पाई थी

वक्त-ए- रुख़्सत ।

पर बंद आँखों से देखा था,

एक गहरी सी साँस और

तिरी गीली आँखों का झुक जाना,

क़तरे अश्क़ो का छलक जाना,

सूखे लबों का थरथराना।

तेरे हाथों का यूँ उठ जाना याद है

जैसे डूबने वाला हो कोई।

पर कहा नहीं तूने अलविदा

ये भी याद है।

रेशम सी नाज़ुक

हर रिश्ते के दर्मियान होती है एक डोर।
रेशम सी नाज़ुक विश्वास और भरोसे से बंधी।
राज़, रहस्य, बेवफ़ाई और झूठ आयें बीच में,
तो टूट कर बिखर जाती है।
ग़र बनाने हो या निभाने हों रिश्ते,
एक दूसरे को सब बताओ, सच बताओ।
ग़र सच सहने का ताब ना हो तो मुरझाने दो इन्हें।
रूह की आईनों में देखो, तुम्हें रिश्तों में क्या चाहिए।
वही दो दूसरों को।
वरना ज़िंदगी क़ैद बन जाएगी।

Happy Psychology! Positive Psychology! – Honesty Can Make or Break a Relationship. When you know you can totally trust your mate, it strengthens your love.

गुमान

पत्थर दिल

ग़र दिल आपका नाज़ुक, कोमल है,

लोगों पर ऐतबार करने वाला है।

तब लाज़िमी है चोटें भी बहुत आएँगी।

दुनिया को रास नहीं आते ऐसे लोग।

दर्द दे हर दिल को अपने जैसा बनाने वाले

ढेरों है ज़माने में।

पत्थर दिलवालों को वहम होता है,

इस ज़माने में सब उन जैसे पत्थर दिल हीं हैं।

बलिदान दिवस, शहीद दिवस, 23 March

शक्ति मद नींद में डूबे अंग्रेज सरकार को,

जगाने की कोशिश में फेंका संदेशमय पर्चे के साथ बम –

“मानव को मारा जा सकता है, उसके विचार को नहीं।

बड़े से बड़े साम्राज्यों का पतन हो जाता है

लेकिन विचार हमेशा जीवित रहते हैं।”

सुप्त, बधिर, क्रूर आंग्ल शासकों को जगाने की कोशिश में

23 मार्च, क्रांतिकारी वीर भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव

सो गए चिर निंद्रा, देश की आज़ादी के लिए।

दुनिया

दुनिया है बड़ी अजीब।

तोड़ते हैं लोग दिल और वादे।

पकड़ते हैं बातों को।

तोड़ते-मरोडते हैं बात बनाने के लिए बातों को।

फिर भी चाहतें हैं,

लोग उनकी बातों पर यक़ीन करें।

उनके हाथों तोड़े अपने दिल में उन्हें जगह दें।

Psychological Fact – The manipulator deliberately creates an imbalance of power and exploits the victim to serve his or her agenda.

Symptoms of manipulators – lying. Excuse-making. Being two-faced. Blaming the victim for causing their own victimization. Deformation of the truth.

कभी कह दिया होता

कभी कह दिया होता तो अच्छा था कि

जिन सवालों के जवाब मालूम हैं

और जवाब पसंद नहीं।

उन सवालों को ना पूछ।

कुछ वहम, कुछ यक़ी का ख़ुशनुमा रंग

ज़िंदगी को गुलज़ार

बनाए के लिए भी चाहिए।

दिल में होली सी रंगीनियत बनाए

रखने के लिए कैफ़ियत भी चाहिए।

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