The day the power of love
overrules the love of power,
the world will know peace.

~~ Mahatma Gandhi
On Mahatma Gandhi 71st death anniversary
The day the power of love
overrules the love of power,
the world will know peace.

~~ Mahatma Gandhi

Falling in love can be
So Dangerous…
You never know
When someone you trust
With your soul
Will leave you.
And for better or for worse
They always do.
_Niran†.
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©The Poem Zone
All Rights Reserved !!
🎀Happy Blogging 🎀
यह कविता मेरी बेटी चाँदनी सहाय, अधिकारी, यूनियन बैंक की रचना है. उसे इसके लिए यूनियन बैंक , हिंदी कविता प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार मिला है. जो मेरे लिये असीम गर्व की बात है।
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के कर कमलों से उद्घाटतृित हो,
खङे हैं अटल-अचल हम एक सदी से।
एकता, अपनापन अौर सेवा-भाव से।
देश अौर देशवासियों की ईकोनॉमी संम्भाले का दायित्व निभाते।
दृष्टिबधितों को ए टी एम ,
सिक्किम नाथूलाल में सबसे ऊँचाई पर ए टी एम जैसी जिम्मेदारियाँ निभा रहें हैं।
आज हम एक शताब्दी ….. 100 वीं वर्षगांठ मना रहें हैं!!
इस लंबी यात्रा में ना जाने कितनी उपलब्धियाँ हासिल की।
पूँजी बाजार में शामिल हुए, टेक्नो-सेवी बैंक होने की ख्याति पाई,
युमोबाइल, टेब्यूलस बैंकिंग, यूनियन सेल्फी,
आधुनिक बैंकिंग विचारधारा वाला एक अग्रणी बैंक बन,
डिमोनीटाईजेशन के समय रात दिन एक कर सम्मान अर्जित किया।
पहले-पहल हिंदी में वार्षिक रिपोर्ट बनाईं,
ऐसे ना जाने, कितनी मोतियाँ हैं हमारे उपल्बधियों की माला में।
अखंडता, शक्ति और साझेदारी का प्रतिनिधित्व करती हुई,
हमारे यूनियन बैंक इंटरलॉक प्रतीक की तरह।
आज हम सेंटेनरी…… 100 वीं सालगिरह मना रहें हैं!!!!
सबों को बधाई अौर आभार!
राष्ट्र सेवा कर राष्ट्रपति पुरस्कार पाया।
यह प्यार, यह सम्मान बना रहे …..
अच्छे लोग अच्छा बैंक,
“बैंक के साथ अच्छे लोग” की भावना बनी रहे…….
कामना है सभी स्वस्थ रहें, सुखी रहें –
“सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयः।”

Image courtesy- Chandni Sahay.

Anonymous. Forwarded as received.
मेरे ख्याल में दिल की सच्ची अभिव्यक्ति ही सही लेखन है। यह कविता किसी ब्लॉगर द्वारा की गई सराहना का परिणाम है- Aapki kavitayein bahot hi achi lagti hai hamein!!
The secret of good writing is telling the truth. – Gordon Lish
कुछ जिंदगी की हकीकत, कुछ सपने,
थोङी कल्पनाअों के ताने-बाने
जब शब्दों में ढल कर
अंगुलियों से टपकते हैं पन्ने पर।
तब बनती हैं कविता।
जो अंधेरा हो ना हो फिर चांद अौर बिखरी चाँदनीं दिखाती हैं।
जो लिखे शब्दों से दिल में सच्चा एहसास जगाती हैं।
ऐसे जन्म लेती हैं कविताएँ -कहानियाँ।

प्यार से आसमान ,
पेड़ों , फूलों, पत्तों , पंछियों को देखो
और भर लो अपने अंदर गहरी लम्बी सासं,
लबों पर छाने दो हल्की की मुस्कुराहट,
कुछ देर बैठो अपने साथ .
गुफ़्तगू …..बातें करो अपने आप से .
जी लो ज़िंदगी के पल,
भूल ग़मों को .
यह ज़िंदगी नियामत है ऊपर वाले की .
कब तक टुकड़े टुकड़े में जीते और मरते रहोगे ?


विचारों, यादों के क़ैद में टुकडे टुकड़े ज़िंदगी क्या जीना ?
मन , विचार ज़िंदगी से बड़े कैसे हो सकते हैं?
ज़िंदगी है इसलिए मन है, विचार और यादें हैं.


— Dalai Lama
मिसोफ़ोनिया कुछ ध्वनियों के प्रति संवेदनशील होने को कहते है। यह बुद्धिमान होने का संकेत है।

कुछ अध्ययनों से पता चलता है कि मिसोफ़ोनिया वाले लोगों ज्यादा शोर, आवाज या विशिष्ट ध्वनियों को नापसंद करते हैं। जिन्हें “ट्रिगर ध्वनियां” कहते है। ऐसे लोगों को पानी टपकने, चबाने की आवाज, तड़कने , शोर या पेंसिल टैपिंग जैसी आवाज़ों से प्रतिक्रिया हो सकती है।
जब वे ट्रिगर की आवाज़ सुनते हैं, तो ये लोग चिड़चिड़े या क्रोधित हो जाते हैं। इन आवाजों से उनका ध्यान भटकता है।
Courtesy- Wikipedia
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