तनहाइयों में भी हम तन्हा नहीं
यादों की भीड़ घेर लेती है .
वरना भीड़ में भी अकेले हीं होते हैं.

तनहाइयों में भी हम तन्हा नहीं
यादों की भीड़ घेर लेती है .
वरना भीड़ में भी अकेले हीं होते हैं.


आप इसे यूनिक कहो या अनोखा,
चूहे के बिल या रैट होल सुरंग …
यह तो हमारी सदियों पुरानी कला है।
देखिए, इस क्षेत्र में तो हम आपसे बहुत आगे हैं।
पर हमें शान, गुमान या घमंड नहीं।
तब भी पांडवों को कौरव पकङ नहीं पाए।
आज भी हमारी पुलिस हमें नहीं पकड़ पाई.
old news – Robbers tunnel into bank in Navi Mumbai, loot valuables worth ₹6 crore from 30 lockers
Charity begins at home…….????

शाश्वत रूप से अनुत्तरित एक प्रश्न है – जान की कीमत इतनी कम क्यों ?
पर अब एक नया प्रश्न है – जान की कीमत है भी या नहीं ?
और करनी है प्रिय वस्तु की कुर्बानी तब
अपनी जान अनमोल है ना ?
होगा वरना स्वार्थ पूर्ण।
सबसे मार्मिक स्थिति है उस बच्चे की है,
जो अपने घर में अपनों के साथ सुरक्षित नहीं महसूस कर रहा हो–
ना जाने कब क्या हो जाए ?
courtesy- Inserts & News 18.
You know what love is?
It is all kindness, generosity.
Disharmony prevails when
You confuse lust with love, while
The distance between the two
Is endless.

❤ ❤ Rumi
Do you want to enter paradise?
To walk the path of Truth
You need the grace of God.
We all face death in the end.
But on the way, be careful
Never to hurt a human heart!

❤ Rumi
(Bhartṛhari was a great Sanskrit poet, writer and a king who renounced the world. भार्तृहरि एक महान राजा व संस्कृत कवि थे, जिन्हों ने अपनी पत्नी के धोखे से आहत हो कर सन्यास ले लिया था।)
Trees bend low with ripened fruit;
clouds hang down with gentle rain;
noble people bow graciously.
This is the way of generous things.
Birth is scented with death. ~~Bhartrihari
ख़्वाहिशों से बुने थे कुछ ख़्वाब
एक झटके में सारे ताने बाने बिखर गए.
हम समेटने में लगे हैं …….
यह जानते हुए कि जाना है एक दिन सबको .

(Bhartṛhari was a great Sanskrit poet, writer and a king who renounced the world. भार्तृहरि एक महान राजा व संस्कृत कवि थे, जिन्हों ने अपनी पत्नी के धोखे से आहत हो कर सन्यास ले लिया था।)
Decide on something
that you can do
and that you will do.
This is how to
transform your life –
by taking small steps.

🌈Sadguru
दूसरे को तोङने की कोशिश में जिंदगी निकल जायेगी।
कभी जोङने की कोशिश भी करनी चाहिये।
वरना ऊपर वाला भी अगर जोङ-तोङ पर आ गया तब क्या होगा?

Reblogged, Posted by Neeraj Kumar at 9:44 AM Monday, January 28, 2019

कुछ समंदर का भंवर देखना था,
कुछ मुक़द्दर का असर देखना था I
कुछ तूफान का क़हर देखना था,
कुछ अपमान का ज़हर देखना था I
कुछ प्रस्तर में अंकुर देखना था,
कुछ जलधर का शरर देखना था I
कुछ सपनों में अग्यार देखना था,
कुछ अपनो में अहंकार देखना था I
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शरर : चिंगारी
अग्यार : अजनबी
जलधर : बादलप्रस्तर : पत्थर
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