जब पलट कर देखो , यादों की
अनेको खिड़कियाँ खुल जाती है .
जीवन की ना जाने कितनी
झलकियाँ दिखलाती है .
यादों की झलक दिखाती
झलकियों के ये झरोखे
कभी हँसाते – रुलाते – गुदगुदाते- सहलाते है .
और
चाहने पर भी भूल नहीं पाते है . 
“The Whole Is Greater Than The Sum Of Its Parts”. Likewise, The Cornucopian half of this blog encompasses my blog in its entirety which otherwise is scattered into the myriad hats I wear creatively!!
जब पलट कर देखो , यादों की
अनेको खिड़कियाँ खुल जाती है .
जीवन की ना जाने कितनी
झलकियाँ दिखलाती है .
यादों की झलक दिखाती
झलकियों के ये झरोखे
कभी हँसाते – रुलाते – गुदगुदाते- सहलाते है .
और
चाहने पर भी भूल नहीं पाते है . 
Why are you
so enchanted
by this world,
when a mine of gold
lies within you?”
❤️❤️. Rumi

कुमुदिनी ने कहा चाँद से ,
तुम आते हो तो
तुम्हारी शीतलता में मैं खिल जाती हूँ .
क्यों तुम जाते हो ?
क्या तुम्हें मुझसे प्यार नहीं ?
सूरज की तेज़ रौशनी चुभती है
और मैं मुरझा जाती हूँ .
दर्द भरी हँसी के साथ चाँद ने कहा –
जाना ही होगा मुझको .
हम दोनों एक दूसरे के लिए वैसे ही है
जैसे सूरज और कमल .
कमल को भी तो खिलना है
सूरज से मिलना है……..
Your task is not to seek for love,
but merely to seek and find
all the barriers within yourself
that you have built against it.

मुश्किलों को हराते हैं…
चलो..थोड़ा मुस्कुराते हैं…
– अज्ञात
कहते हैं लफ्ज़ों से अधिक
असर खामोशी में हैं।
पर सुनता हीं कौन है
खामोश ख्यालों… को?
~Zig Ziglar
❤ ❤ Rumi.
वक्त फिसलता है
रेत की तरह,
कितना भी पकङो
मुट्ठी मे या रेत घड़ी में।
नदी के जल में हो
या
रेगिस्तान के बालुका ढेर में हो।
सरक हीं जाता है जकङ से।
रेत हो या वक्त
बस रह जाती हैं यादें !!!!!!
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