अजनबी सी है ये जिंदगी,
और वक्त की तेज़ है रफ्तार.
रात इकाई,
नींद दहाई
ख्वाब सैंकडा,
दर्द हजार
फिर भी है जिँदगी मजेदार.

Unknown
William Wordsworth was spot on when he said “Poetry is the spontaneous overflow of powerful feelings: it takes its origin from emotion recollected in tranquility.” When my pen meets the paper, it always captures the many moods and their wild swings and emotions and their detours which overflows from my heart spontaneously into the paper transmogrifying into verses!!
अजनबी सी है ये जिंदगी,
और वक्त की तेज़ है रफ्तार.
रात इकाई,
नींद दहाई
ख्वाब सैंकडा,
दर्द हजार
फिर भी है जिँदगी मजेदार.

Unknown
धूप सेंकते मोटे अजगर सी
बल खाती ये काली अनंत
अंतहीन सड़कें
लगतीं है ज़िंदगी सी ……
ना जाने किस मोड़ पर
कौन सी ख़्वाहिश
मिल जाए .
कभी ज़िंदगी को ख़ुशनुमा बनाए
और कभी उन्हें पूरा करने का
अरमान बोझ बढ़ाए .
बाहर जाने का रास्ता खोजती
काँच और असली खुली
खिड़की की मृग मरिचिका
में उलझी काँच पर सर पटकती
कीट या मक्षिका को देख कर क्या
नहीं लगता कि हम भी अक्सर
ऐसे ही किसी उलझन में फँस
किसी भ्रम के पीछे
सिर पटकते रहते हैं ?

रोज़ हँसाती- रुलाती ,
भगाती – दौड़ती ,
परेशानियों में रूबरू कराती
ज़िंदगी से परेशान हो कर
आख़िरकार पूछ ही लिया –
छः माही , सालाना परीक्षाओं
की तो आदत सी है .
पर तुमने तो हद ही कर दिया .
जब देखो परखती जाँचती रहती हो…..
यह सिलसिला कब रोकोगी?
ज़िंदगी की खिलखिलाहट
झंकार सी खनक उठी बोली –
फिर ज़िन्दगी हीं क्या होगी ?
इन्हीं से तो बनी हो
तुम और तुम्हारी ज़िंदगी.

कुछ गैर ऐसे मिले,
जो मुझे अपना बना गए।
कुछ अपने ऐसे निकले,
जो गैर का मतलब बता गए।
दोनो का शुक्रिया
दोनों जिंदगी जीना सीखा गए।

Unknown
उम्र चाहे जो भी हो मनचाहे रिश़्ते,
अपने आप हमउम्र हो जाते हैं।

Unknown
कभी कभी समझ नहीं आती ,
क्यों है ज़िंदगी इतनी उलझन भरी ?
जितनी सुलझाओ उतनी
ही उलझती जाती है .
रंग बिरंगे उलझे धागों की तरह
कहीं गाँठे कहीं उलझने हीं उलझने
और टूटने का डर …..
क्या यही है ज़िंदगी ?

कोई रंग नहीं
विचारों, यादों का
पानी की तरह .
ना जाने कहाँ से
कभी काले उदास रंग से और
कभी ख़ुशनुमा सतरंगे रंगो से
रंग जातें है सब .

बादलों से ऊपर एक और जहाँ हैं
जहा ना जाने कौन बैठा
नचाता है सबको कठपुतलियों की तरह ……

कोई भी रिश्ता ना होने पर भी जो रिश्ता निभाता हैं,
वो रिश्ता एक दिन दिल की गहराइयों को छू जाता है।
You must be logged in to post a comment.