Thakor community bans cellphones for unmarried women

कुछ अजीब सी बात है ,

सिर्फ़ लड़कियों के लिए.

चाँद पर, स्पेस में …. लड़कियाँ

भेजी जा सकती हैं.

पर मोबाईल रखने पर प्रतिबंध ?

क्या यह सही है ?

आप सबों के विचार आमंत्रित है.

https://www.google.co.in/amp/s/www.indiatoday.in/amp/india/story/thakor-community-bans-cellphones-for-unmarried-women-1570208-2019-07-17

5 fold hike in rape of kids from 1994 to 2016: Report

कहते हैं हम इंसान तरक़्क़ी कर रहें हैं.

आगे बढ़ रहें हैं.

पर जा कहाँ रहें हैं?

ना इंसानों, ना बच्चों, ना पशुओं

किसी के बारे में नहीं सोंच रहें हैं.

अफ़सोस !!!!

क्रूरता की इंतहा है.

https://m.hindustantimes.com/india-news/5-fold-hike-in-rape-of-kids-from-1994-to-2016-report/story-Qg9eZxxZTgfr6k563ldfII.html?utm_campaign=fullarticle&utm_medium=referral&utm_source=inshorts

A baby #rhino tries to wake #mother, who is killed by poachers for the #horn.

हम इंसानों के क्रूरता की हद है.

https://mobile.twitter.com/ParveenKaswan/status/1146033060858585088?utm_campaign=fullarticle&utm_medium=referral&utm_source=inshorts

गुरु #Teacher

गुरू बिन ज्ञान न उपजै, गुरू बिन मिलै न मोष।
गुरू बिन लखै न सत्य को गुरू बिन मिटै न दोष।।
बिना गुरू के ज्ञान व मोक्ष मिलना असम्भव है। बिना गुरू के सत्य एवं असत्य, उचित और अनुचित के भेद का ज्ञान नहीं होता फिर मोक्ष कैसे प्राप्त होगा? गुरूशरण ही सच्ची राह दिखाता है।
–कबीर

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Can teachers today be called “the untalented leftovers”? Give reasons.  Eidition 280  

ना जाने कितने मनीषियों अौ’ कबीर ने कहा- 

“गुरू गोविन्द दोऊ खड़े, काके लागूं पांय।
बलिहारी गुरू अपने गोविन्द दियो बताय।।”

गुरू और  भगवान एक साथ हों तो किसे नमन करुँ?

– गुरू को अथवा गोबिन्द को?

ऐसी स्थिति में गुरू के श्रीचरणों में शीश झुकाना उत्तम है

जिनके कृपा रूपी प्रसाद से गोविन्द दर्शन का सौभाग्य मिला।

गुरु वह है जो ज्ञान दे –

 मार्गदर्शन कर, अज्ञानता, अंधकार को भगाने वाला गुरु वंदनीय है।

प्राचीन परम्परा अनुसार गुरु मार्गदर्शक बन राह दिखाते थे।

नानक देव, त्रेलंग स्वामी, रामकृष्ण परमहंस, महर्षि रमण, स्वामी समर्थ, द्रोणाचार्य…….

पारस मणी से गुरूअों के स्पर्श से  आज भी लोहा, सोने बनते  देखा है।

किन्तु 

आज गुरु नियुक्त होते हैं, उनकी योग्यता के आधारानुसार

यह तो है चयनकर्ता अौर व्यवस्था की देन ।

कौन गुरु बने या ना बने।

योग्य हैं या ……

 

क्यों चुप है चाँद ?

क्यों आज चुप है चाँद ?

ना जाने कितनी बातों का गवाह

कितने रातों का राज़दार

फ़लक से पल पल का हिसाब रखता,

कभी मुँडेर पर ,

कभी किसी  शाख़-ए-गुल को चूमता,

गुलमोहर पर बिखरा कर अपनी चाँदनी अक्सर

थका हुआ मेरी बाहों में सो जाता था.

किस दर्द से बेसबब

चुप है चाँद ?

ज़िंदगी के रंग -168

चाय की प्यालियाँ भी

हमसफ़र और दोस्त हैं,

आने जाने वाले पलों कीं.

कई पल गुज़रे हैं ज़िंदगी के

तुम्हारे और चाय की प्याली के साथ

कभी फीकी, कभी मीठी,

कभी सोन्धी-सोन्धी सी !!

ख़ुद को ख़ुद से

कुछ उलझा उलझा ,

कुछ रूठा रूठा सा है वजूद अपना

ख़ुद को ख़ुद से याद करूँ कैसे ?

करना है ख़ुद को ख़ुद से आज़ाद .

करुँ कैसे ?

बड़ा उलझा प्रश्न है.

कभी कभी उठने वाली कसक,

मन की दर्द , पीड़ा , विरह

किसी को समझाऊँ कैसे ?

अपने से, अपने रूह से बात करूँ कैसे ?

मेहंदी के रंग से लम्हे

जो सिर्फ़ अपनी ख़ुशबू छोड़ गए, काश़ वे लम्हें

मेहंदी के रंगों की तरह हथेलियों में रच बस जाते.

Australia to bring children of dead Islamic State fighters home from Syria

यह महानता है आस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री की .

पर जिनहें पनाह दिया गया ,

उसकी भी ज़िम्मेदारी है .

आस्ट्रेलियन रहनुमा को

सही साबित करने की.

SYDNEY (Reuters) – Australia has gathered up eight children and grandchildren of two dead Australian Islamic State fighters from a Syrian refugee camp and will bring them home, Prime Minister Scott Morrison said on Monday.

https://www.reuters.com/article/us-australia-refugees-syria/australia-rescues-children-of-dead-islamic-state-fighters-from-syria-idUSKCN1TP0WD?utm_campaign=fullarticle&utm_medium=referral&utm_source=inshorts

Metamorphosis