
कुछ अजीब सी बात है ,
सिर्फ़ लड़कियों के लिए.
चाँद पर, स्पेस में …. लड़कियाँ
भेजी जा सकती हैं.
पर मोबाईल रखने पर प्रतिबंध ?
क्या यह सही है ?
आप सबों के विचार आमंत्रित है.
William Wordsworth was spot on when he said “Poetry is the spontaneous overflow of powerful feelings: it takes its origin from emotion recollected in tranquility.” When my pen meets the paper, it always captures the many moods and their wild swings and emotions and their detours which overflows from my heart spontaneously into the paper transmogrifying into verses!!

कुछ अजीब सी बात है ,
सिर्फ़ लड़कियों के लिए.
चाँद पर, स्पेस में …. लड़कियाँ
भेजी जा सकती हैं.
पर मोबाईल रखने पर प्रतिबंध ?
क्या यह सही है ?
आप सबों के विचार आमंत्रित है.

कहते हैं हम इंसान तरक़्क़ी कर रहें हैं.
आगे बढ़ रहें हैं.
पर जा कहाँ रहें हैं?
ना इंसानों, ना बच्चों, ना पशुओं
किसी के बारे में नहीं सोंच रहें हैं.
अफ़सोस !!!!
क्रूरता की इंतहा है.
गुरू बिन ज्ञान न उपजै, गुरू बिन मिलै न मोष।
गुरू बिन लखै न सत्य को गुरू बिन मिटै न दोष।।
बिना गुरू के ज्ञान व मोक्ष मिलना असम्भव है। बिना गुरू के सत्य एवं असत्य, उचित और अनुचित के भेद का ज्ञान नहीं होता फिर मोक्ष कैसे प्राप्त होगा? गुरूशरण ही सच्ची राह दिखाता है।
–कबीर



क्यों आज चुप है चाँद ?
ना जाने कितनी बातों का गवाह
कितने रातों का राज़दार
फ़लक से पल पल का हिसाब रखता,
कभी मुँडेर पर ,
कभी किसी शाख़-ए-गुल को चूमता,
गुलमोहर पर बिखरा कर अपनी चाँदनी अक्सर
थका हुआ मेरी बाहों में सो जाता था.
किस दर्द से बेसबब
चुप है चाँद ?

चाय की प्यालियाँ भी
हमसफ़र और दोस्त हैं,
आने जाने वाले पलों कीं.
कई पल गुज़रे हैं ज़िंदगी के
तुम्हारे और चाय की प्याली के साथ
कभी फीकी, कभी मीठी,
कभी सोन्धी-सोन्धी सी !!

कुछ उलझा उलझा ,
कुछ रूठा रूठा सा है वजूद अपना
ख़ुद को ख़ुद से याद करूँ कैसे ?
करना है ख़ुद को ख़ुद से आज़ाद .
करुँ कैसे ?
बड़ा उलझा प्रश्न है.
कभी कभी उठने वाली कसक,
मन की दर्द , पीड़ा , विरह
किसी को समझाऊँ कैसे ?
अपने से, अपने रूह से बात करूँ कैसे ?

जो सिर्फ़ अपनी ख़ुशबू छोड़ गए, काश़ वे लम्हें
मेहंदी के रंगों की तरह हथेलियों में रच बस जाते.


SYDNEY (Reuters) – Australia has gathered up eight children and grandchildren of two dead Australian Islamic State fighters from a Syrian refugee camp and will bring them home, Prime Minister Scott Morrison said on Monday.
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