दर्द औ दहशत

कितने मगरूर, कितने क्रूर थे वे?
कौन सा लावा था दिल में उबलता?
जो नज़र ना आई असहाय मासूमों की
ख़ौफ़ और दर्द से लरजता चेहरा? जो चले गए,
दुनिया की महफ़िल से छोड़ खिलौना,
उनसे ज़्यादा दर्द औ दहशत में डूबे होंग़े वे,
जिन्होंने अपनी आँखों से देखा दर्दनाक मंजर।

अमेरिका के टेक्सास में एक स्कूल में भीषण गोलीबारी की घटना सामने आई है. इस हमले में 19 बच्चों की मौत हो गई है और कई घायल बताए जा रहे हैं. दो टीचर को भी मौत के घाट उतार दिया गया है. टेक्सास के राज्यपाल ने ये जानकारी दी है. पिछले दिनों भी अमेरिकी में ऐसी ही भीषण गोलीबारी देखने को मिल चुकी है.

Nineteen young children and two adults have died in a shooting at a primary school in south Texas. https://www.bbc.com/news/world-us-canada-61573377.amp

ज़िंदगी ने चुना है!

ज़िंदगी वह गुरु है

जो पर्चे शागिर्दों को देख कर नहीं बनाती है।

बल्कि वह अच्छे शागिर्दों को

कठिनतम इम्तहानों के लिए चुनती हैं।

और यह सिखाती है कि

इस दुनिया में जीवट हीं टिकते हैं –

“सरवाईवल औफ़ द फ़िटेस्ट”।

इसलिए अगर लगे ज़िंदगी कठिनाइयों भरी है।

इसका मायने है, ज़िंदगी ने चुना है तुम्हें,

ख़ास मक़सदों के लिए।