जीवन के रंग 28 – भीङ में तन्हाई

खामोशी में शब्द

मौन में अर्थ

अंधेरे में उजाला

कोलाहल में शांती

शोर में संगीत

दुख में सुख

आँसू में मुस्कान

इंद्रधनुष के सात रंगों  में सफेद रंग

भीङ में तन्हाई

मौत में जीवन

खोजना

क्या सरल है ?

इतनी गहराई आ जाये……

तब जिंदगी से शिकवा हीं ना रह जाये…….

54 thoughts on “जीवन के रंग 28 – भीङ में तन्हाई

      1. Haha I ask so many questions….Generally we all are busy …In life…With lots of responsibilities…Is it not…?

        Then managing replying to comments on Word press some times makes you extra loaded….

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    1. बिलकुल !! संघर्ष अगर समझ और गहराई से किया जाये तब हम छोटी छोटी बातों से ऊपर उठ सकेंगे .

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