क्या फिर कृष्ण ने जन्म लिया है?

NEWS-

61 MORE KIDS DIE IN LAST 72 HOURS AT GORAKHPUR HOSPITAL

Farrukhabad: 49 infants die in UP hospital

गोरखपुर में 72 घंटे में 46 बच्चों की मौत

अब फर्रुखाबाद में 49 बच्चों की मौत

हर रोज नन्हें बच्चों के मृत्यु की खबरें
दहशत पैदा कर रहीं हैं ।
कौन सी आसुरी वृत्ति इनके मौत का कारण है?

 द्वापर युग में
मथुरा राज कंस ने आकाशवाणी सुनी – 
देवकी का आठवाँ बालक उनका वध करेगा। 

कुपित क्रूर कंस ने
देवकी के समस्त संतानों को मार ङाला।
आठवीं कन्या को मारना चाहा ,

तब वह
काली रुपा आसमान में जा कर बोल पङी —
“तुझे मारने वाला तो जन्म ले चुका है।”

मृत्यु भय  ग्रस्त कंस ने सभी
नवजात शिशुओं को मरवाना शुरु कर दिया।

क्या आज फिर उसी कुकाण्ङ की पुनरावृत्ति हो रही है?

बढ़ते पाप – अनाचार के नाश अौर
धर्म की स्थापना के लिये, 
मस्तक पर मोर मुकुट
वक्षस्थल पर कौस्तुभ मणि धारण करने वाले विष्णुवतार
 कृष्ण ने क्या फिर कहीं जन्म लिया है? 

यह ताङंव रुकेगा क्या?

39 thoughts on “क्या फिर कृष्ण ने जन्म लिया है?

  1. Hum kisi leader ko blame nahi kar sakte.. kya pata unhone measures liye ho aur unke logo mai. Se koi desh drohi nika ho… Rahi baat krishn ki, to agar vo jaldi aaye to acha hai. Aur paap, bure log, buri ghatnaen ab nahi dekhi jati. Bhagvan kare aunhone kalki avtar le liya ho..

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  2. Can’t imagine how the parents must have felt! Sheer negligence. आप ने सद्य स्थिती के बारे में बहुत सही लिखा हैं।

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  3. कितनी खुबसूरती से अपने इस वेदना को शब्दों में पिरोया है | नन्दलाल के आने के वक़्त तो काफी पहले ही हो चूका है पर सामने अभी तक नहीं आये है | उनकी माया तो वो ही जाने | आशा करते है आप हु ही लिखती रहे और सब को ऊर्जा देती रहे |
    राजेश कुट्टन
    rajeshkuttan.wordpress.com

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    1. बहुत आभार राजेश इस प्रशंसा के लिये .
      मैंने आपके blog पर जाने की कोशिश की .पर आपका पेज नहीँ मिला . अपना blog link भेजेगे क्या ?

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      1. आपके दो पोस्ट मैंने पढ़े , comment बॉक्स नहीँ मिल और like करने में असफल रहीं . इसलिये यहाँ फीडबैक दे रहीं हूँ .ये पंक्तियाँ लाजवाब लगी –

        जीने के लिए सदियों के सदमात से गुज़रे
        हम दिन के उजाले के लिए रात से गुज़रे!!!

        who am i – यह philosophical प्रश्न तो अक्सर मेरे मन मष्तिष्क में घूमता रहता है . उत्तर पाना बड़ा जटिल है .😊😊
        बहुत अच्छा लिखा है आपने .

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      2. ज्यादा उम्मीद ले कर मत जाएंगे रेखाजी, मैं सिर्फ अपने लिए लिखता हु इसलिय कभी कभी पढ़ने वालो को समझ नहीं आता है

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      3. यह तो अच्छी बात है क्योंकि मैं भी अपने लिये ही लिखती हूँ और वही लिखती हूँ जो मुझे सही लगता है .😊😊

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