आइने की फ़ितरत

आदमजात

बातें

मुनासिब

My 11 Anniversary on wordpress!

समय, पानी-सा बहता चला गया,
मुट्ठी में भरी रेत-सा हर लम्हा फिसल गया।
किससे पूछें हिसाब उन गुज़रे पलों का?
बस यह समझ आया……….
थामना नहीं चलते रहना जीवन है।

Happy Writing!!

एकांत लम्हों

दिल और रूह

रूह का सफ़र

ना गिन दौलत,

ना गिन माल-ओ-असबाब,

गिन बस अपनी साँसें,

और हर लम्हा अमल में ढाल.

रूह का सफ़र है,

बाक़ी सब फ़ना है!!!

लम्हें

गीता जयंती : श्रद्धांजली

गीता जयंती : मोक्षदा एकादशी – पिता को श्रद्धांजलि

(मार्गशीर्ष के उज्ज्वल पक्ष में, पवित्र मोक्षदा एकादशी के दिन

भगवान श्रीकृष्ण ने गीता का दिव्य उपदेश दिया था।)

मोक्षदा एकादशी के पवित्र दिन

आपकी आत्मा अनन्त प्रकाश में विलीन हुई।

आपकी मुस्कान आज भी सहारा है।

आपकी सीखों और संस्कारों

ने जीवन सँवारा हैं।

Tribute: To my father on his death- anniversary

(Geeta Jayanti / Mokshada Ekadashi) In Margashira,