तेरा अक़्स, मेरा अक़्स,
क्या करना है अब बात?
दिन और रात बीत गई,
बीत गई बात।
अब ना दर्द है ना ग़म,
कर दिया है जब हिसाब।
कर दिया है सबको माफ़।
अब बस है आइना-ए-ज़िंदगी।
नहीं रह गई अक्स की बंदगी।

तेरा अक़्स, मेरा अक़्स,
क्या करना है अब बात?
दिन और रात बीत गई,
बीत गई बात।
अब ना दर्द है ना ग़म,
कर दिया है जब हिसाब।
कर दिया है सबको माफ़।
अब बस है आइना-ए-ज़िंदगी।
नहीं रह गई अक्स की बंदगी।

मकतब-ए-ज़िंदगी ने सिखाया,
मुस्कुरा-मुस्कुरा कर
लोगों को ना कर इतना बर्दाश्त
कि वे हद से गुज़र जाएँ।
सितम सहन इतना ना कर,
कि लोग सीमा तोड़ जाए।
कि ख़ुद वे बर्दाश्त-ए-काबिल ना रह जायें।
Positive Psychology-
If someone is crossing your boundaries,
take action. At the same time, Be careful
with how much you tolerate. You are
teaching them how to treat you.

मकतब-ए-ज़िंदगी ने सिखाया,
मुस्कुरा-मुस्कुरा कर
लोगों को ना कर इतना बर्दाश्त
कि वे हद से गुज़र जाएँ।
सितम सहन इतना ना कर,
कि लोग सीमा तोड़ जाए।
कि ख़ुद वे बर्दाश्त-ए-काबिल ना रह जायें।
Positive Psychology-
If someone is crossing your boundaries,
take action. At the same time, Be careful
with how much you tolerate. You are
teaching them how to treat you.

अधूरी कहानियों,नज़्मों..कविताओं को
मिल जाए अल्फ़ाज़, लय….तुकांत।
पूरी हो जायेंगी उनकी अधूरी वृतांत।
लिखने वाले की पूरी होगी
आरज़ू-ए-सफ़र,
शब्दों अल्फ़ाज़ों में ढूँढते
अपने वजूद-ए-ज़फ़र।
अर्थ: ज़फ़र – विजय, जीत,

लोग क्या कहेंगे?
वही कहतें हैं लोग अक्सर,
जो है नज़रिया उनका।
क्या है ज़रूरी, लोगों की राय?
रूह में दहशत? या ख़ुशियाँ औ सुकून?
सुने सब की, गौर करो, पर दिल पर ना लो।
खोना नहीं ख़ुशियों के पल,
ज़िंदगी रखो ख़ुशगवार।
Positive Psychology- “Once you start
making the effort to “wake-yourself up”
that is, be more mindful in your। activities,
you suddenly start appreciating life a lot more
– Robert Biswas-Diener

सफलता के साँचे में
ढलना हो,
तो ज़िंदगी की धूप में
तपना और चलना होगा।

विजय उत्सव है दिवाली।
रावण महापंडित, शिव भक्त, नवग्रह गुलाम उसके।
उसके बल, बुद्धि, विद्या और ज्ञान पर संशय था नहीं।
फिर भी पराजित हुआ वानर सेना और राम से।
आखिर क्यों ?
यह जीत है अहंकार पर, अँधकार पर!
विजय उत्सव है दिवाली।

भावनाएँ.. एहसास हावी हों,
तो नहीं रहता अख़्तियार अपने-आप पर।
जैसे अपनी साँसों पर ना हो अख़्तियार।
ग़र साध लिया अपने दिल-औ-दिमाग़ को,
जीत सकते हैं जग का हर जंग।
PSYCHOLOGYCAL FACT – EQ
Emotional intelligence / EQ refers to
someone’s ability to perceive, understand
and manage their own feelings and emotions.
High EQ person can handle their stress,
uncertainty, and anxiety in a better way.

अनजानी चाह में,
ना दे बिसार जो है हाथ में।
कई धोखे…वहम भरी
आँख-मिचौली खेलती,
शोख़ ख्वाहिशें हम सब
उम्र भर रहते हैं तलाशते।
मिलने पर ग़र ना आए रास तो?
कहते हैं – हज़ारों ख़्वाहिशें ऐसी
कि हर ख़्वाहिश पे दम निकले
बहुत निकले मिरे अरमान लेकिन
फिर भी कम निकले।

You must be logged in to post a comment.