Thousand hollow words

Better than a thousand hollow words, is one word that brings peace !

Buddha 🌈


जिंदगी के रंग -145

अब क्या लिखें कि तुम्हारे जाने से क्या हुआ ?

अब क्या बताएँ कि तुम्हारे मिलने से क्या हुआ था?

खंडित काव्य में व्यक्त आधा अधूरापन  सा,

हवाओं ने बदला रूख जीवन यात्रा का।

तितिक्षा से…बिन प्रतिकार,

बिना शिकायत, धैर्य से कोशिश है,

भँवर में जो शेष है … बचा है….

उसे बचाने की।

The Heart is like a candle!!!

The Heart is

like a candle, 

longing to be lit!

The tongue

“The tongue like a sharp knife…

Kills without drawing blood…”

Buddha 🌈

 

जिंदगी के रंग -148

दमकते रौशनी में समय बिताने वालों की जिंदगी का भी अँधियारा या तमस पक्ष हो ता हैतभी तो संजीदा हो वे बेचैनी में चैन ,अंधकार में प्रकाश खोजते हैं,

जिंदगी के रंग -144

जिज्ञासा, कुतूहल,

प्रश्न हीं प्रश्न है अंतर्मन में

यह प्रश्नों का अंतहीन

सिलसिला कब रुकेगा ?

या कभी नहीं रुकेगा ?

उत्तर मिलेगा ?

 तब कब मिलेगा ?

या कभी नहीं मिलेगा?

Heritage found! Rare idol stolen a century ago recovered from wall in house of priest; grandson tipped cops

जिस पर सुरक्षा का भार है,

वही सही ना हो तो ?

पर ग़नीमत है कि

सहेज कर रखा और

आज की पीढ़ी समझदार है.

सच्चाई स्वीकार कर ली .

देर आय पर दुरुस्त आए .

https://www.timesnownews.com/mirror-now/in-focus/article/heritage-found-rare-idol-stolen-a-century-ago-recovered-from-wall-in-house-of-priest-grandson-tipped-cops/409000?utm_campaign=fullarticle&utm_medium=referral&utm_source=inshorts

With Passion

With passion pray.

With passion make love.

With passion eat and drink

and dance and play.

Why look like a dead fish

in this ocean of God?

Indian Navy on high alert for cyclone Fani

Visakhapatnam: As the cyclone storm Fani was intensifying into a ‘Severe Cyclonic Storm’ over the south-east and adjoining south-west Bay of Bengal, the Eastern Naval Command (ENC) is on high alert to render necessary humanitarian assistance, a Navy spokesperson said on TuesdayN

As the cyclone storm Fani was intensifying into a ‘Severe Cyclonic Storm’ over the south-east and adjoining south-west Bay of Bengal, the Eastern Naval Command is on high alert to render necessary humanitarian assistance.

Indian Naval ships at Visakhapatnam and Chennai are on stand-by to proceed to the most affected areas to undertake Humanitarian Aid Distress Relief (HADR), evacuation, logistic support including providing medical aid.


मनोवैज्ञानिक या भावनात्मक दुर्व्यवहार से ङरें नहीं, सामना करें !

सेल्फ काउंसिलिंग व ऑटो सजेशन से अपने मनोवैज्ञानिक स्वयं बने !!!!

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मनोवैज्ञानिक या भावनात्मक दुर्व्यवहार

मनोवैज्ञानिक दुर्व्यवहारों को भावनात्मक दुर्व्यवहार भी कहा जाता है। यह एक व्यक्ति द्वारा किसी अन्य व्यक्ति को परेशान करने अौर उस पर हावी होने के लिये किया जाता है, जिसके मनोवैज्ञानिक यानि मानसिक आघात – चिंता, अवसाद, तनाव हो सकता हैं। यह अक्सर ङराने, धमकाने, गैसलाइटिंग और कार्यस्थल में दुर्व्यवहार,कड़वा, दोहरे अर्थ की बातें, उलाहना, व्यंग शामिल हो सकते हैं। यह अत्याचार, अन्य हिंसा, तीव्र या लंबे समय तक किसी भी व्यक्ति द्वारा किया जा सकता है, जैसे नजरबंदी, झूठे आरोप, झूठे विश्वास और अत्यधिक मानहानि। कभी-कभी मीडिया द्वारा प्रतिशोध भी देखा गया है। भावनात्मक दुर्व्यवहार की परिभाषा है: “किसी भी कृत्य जिसमें अलगाव, मौखिक हमला, अपमान, धमकी, घुसपैठ, या कोई अन्य ऐसा व्यवहार शामिल हो सकता है जो पहचान, गरिमा और आत्म-मूल्य की भावना को कम कर सकता है।” मनोवैज्ञानिक दुर्व्यवहार घातक दुर्व्यवहार के रूप में जाना जाता है। शोधकर्ताओं इसे “क्रोनिक मौखिक आक्रामकता” का नाम भी दिया है। जो लोग भावनात्मक दुर्व्यवहार से पीड़ित होते हैं उनमें बहुत कम आत्मसम्मान होता है, व्यक्तित्व में बदलाव हो सकता है। वे उदास, चिंतित या आत्मघाती भी हो सकते हैं। भावनात्मक शोषण की एक सार्थक परिभाषा है – “भावनात्मक दुर्व्यवहार किसी भी तरह का दुरुपयोग है जो प्रकृति में शारीरिक होने के बजाय भावनात्मक है। इसमें मौखिक दुरुपयोग और निरंतर आलोचना से लेकर सूक्ष्म सूक्ष्मतर, छेड़छाड़, और कभी भी प्रसन्न होने देने से इंकार जैसी कुछ भी बातें शामिल हो सकती हैं। भावनात्मक दुरुपयोग कई रूप ले सकता है। अपमानजनक व्यवहार के तीन सामान्य पैटर्न में आक्रामक, इनकार करना, और कम करना शामिल है ”।

ऐसा करनेवाले के लक्षण अौर व्यवहार –

चिल्लाना, अपमान करना, मजाक उङाना, ज्यादातर पीड़ित के लिए नकारात्मक बयानों का उपयोग करना, धमकी भरी बातें और धमकी देना, उपेक्षा करना , अौर लोगों से अलग करना या अलग कारने की कोशिश करना, पीड़िता की छवि को धूमिल करने की कोशिश, अपमानजनक बातें, गलत किये गये वयवहारों से इनकार।

निवारण

एक हर जगह हो सकता है, जैसे कि – परिवार, कार्यस्थल या अंतरंग संबंध में। दुरुपयोग की पहचान रोकथाम के लिए पहला कदम है। अक्सर दुर्व्यवहार पीड़ितों के लिए ऐसे व्यवहार को पहचानना अौर स्वीकार करना मुश्किल होता है। वे पेशेवर मदद के लिए जा सकते हैं। अनेक गैर-लाभकारी संगठन NGO हैं जो एस प्रदान करते हैं घरेलू और दुर्व्यवहार के लिए सहायक और रोकथाम सेवाएं, जैसे कि पुरुषों और महिलाओं के लिए घरेलू दुर्व्यवहार हेल्पलाइन (संयुक्त राज्य अमेरिका में, घरेलू हिंसा के पीड़ितों के लिए सूचना और संकट के हस्तक्षेप की पेशकश करने के लिए कर्मचारियों और प्रशिक्षित स्वयंसेवकों द्वारा संचालित है।

विदेशों में सहायता प्रदान की जाती हैं. हमारे देश में ऐसी सुविधाएं बहुत कम है। इसलिए या तो मनोवैज्ञानिकों की प्रोफेशनल सहायता लें या स्वयं ही ऑटो सजेशन या सेल्फ काउंसिलिंग द्वारा अपनी समस्या को सुलझाने की कोशिश कर सकते हैं। घबराएँ नहीं, बस अपने आप को मजबूत बनाने और समझदार होने की जरूरत है।

 

Courtesy – wikipedia