किसी का नाम लेते ख्याल आता हैं …….
हर बात में अगर-मगर, कमी निकाल ही देनेवाले
कितना भी बच कर निकलो, खरोंचे आएँगी हीं.
ये लोग दूर से ही भले होते हैं.
जैसे कुछ फूलो के बीच में चुभन सी रहती हैं.
काँटें , नागफनी थूहर कुछ कैक्टस से लोग .
हरा भरा , पर कुछ चुभने सा ,
लोग इन्हें सज़ा कर रखते भी हैं.
अगर दूसरों के बाग़ों या गमलो में हों तब ,
हमें भी अच्छे लगते हैं, दूर से, सिर्फ़ दूर से .












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