दिल से अपने आप निकली हुई बातें,
कब टपकते दर्द के साथ मिल कर,
रेख़ता…ग़ज़ल बन जातीं है, मालूम नहीं……

अर्थ –

अर्थ –
रामायण में वर्णित लकां तक पहुँचने के तैरते पुल की याद दिला रहा है, प्रशांत महासागर में तैरते विशालकाय प्युमिक चट्टानों का अद्भुत नजारा।
प्रशांत महासागर में बर्मिंघम के आकार के प्युमिक रॉक देखा गया है। यह 150 वर्ग किलोमीटर से अधिक बड़ी है। यह एक पानी के नीचे ज्वालामुखी के कारण बना है, जो टोंगा के पास फट गई थी।
विशेषज्ञों का मानना है कि ये चट्टानें जिनमें से कुछ बास्केटबॉल के आकार की हैं,सात से 10 महीनों में ऑस्ट्रेलियाई तट तक पहुंच जाएंगी, जहां वे नष्ट हो रहे ग्रेट बैरियर रीफ को फिर से भर सकते हैं।
A ‘raft’ of pumice rock the size of Birmingham has been spotted in the Pacific ocean. The floating sheet is more than 150 square kilometres large and was caused by an underwater volcano which erupted near Tonga.
Experts believe that the rocks – some of which are the size of basketballs – will reach the Australian coast in seven to 10 months where they could replenish the Great Barrier Reef, which is being destroyed by coral bleaching. Michael and Larissa Hoult, who are crew of the Australian adventure catamaran ROAM, found themselves sailing through the mass of rocks earlier this month while on their way to Fiji.
कन्या भ्रुण हत्या पर आधारित मार्मिक, पुरानी कहानी।

क्या आप जानतें हैं, इस स्कूल का असली नाम ?

Druk Padma Karpo School in Ladakh, popularly known as ‘Rancho’s School’, is delighted about the fame the Aamir Khan-starrer ‘3 Idiots’ has brought to it, but the 18-year-old institution does not want the Bollywood to connect to overshadow its original identity and values.

Rumi❤️
यह बाल मनोविज्ञान पर आधारित कहानी है।
यह कहानी बच्चों अौर बङों को बॉडी क्लॉक और इच्छा शक्ति के बारे में जानकारी देती है। मनोविज्ञान को समझते हुए मनोवैज्ञानिक तरीके से बच्चों को अच्छी बातें सरलता से सिखलायी जा सकती हैं। सही तरीके और छोटी-छोटी प्रेरणाओं की सहायता से बच्चों को समझाना बहुत आसान होता है। सच कहा जाय तब प्रेरणा, बॉडी क्लॉक और इच्छा शक्ति बच्चों के साथ-साथ बङों के लिये भी उपयोगी अौर महत्वपुर्ण है। यह कहानी इन्ही बातों पर आधारित है।
दादी ने मुस्कुराते हुए कहा- अरे, तू जाग गया है? आशु ने पूछा- दादी तुम सुबह-सुबह कहाँ गई थी? “मंदिर बेटा” – दादी ने बताशे अौर मिश्री देते हुए कहा। आशु को बताशे स्वादिष्ट टाफी सा लगा। उसके सोंचा, अगर वह भी मंदिर जाए, तब उसे और बताशे-मिश्री खाने के लिए मिलेंगे। उसने दादी से पूछा – दादी, मुझे भी मंदिर ले चलोगी क्या? दादी ने पूछा – तुम सुबह तैयार हो जाओगे? हाँ, पर दादी मेरी नींद सुबह कैसे खुलेगी? आशु ने दादी की साड़ी का पल्ला खींचते हुए पूछा। तुम सुबह कैसे जाग जाती हो?
दादी ने कहा – मेरे तकियों में जादुई घड़ी है। वही मुझे सुबह जगा देतें है। लो, आज इस तकिये को सच्चे मन से अपने जागने का समय बता कर सोना। वह तुम्हें जरूर जगा देगा। पर आशु, सही समय पर सोना तकि तुम्हारी नींद पूरी हो सके। उस रात वह तकिये को बड़े प्यार से सवेरे जल्दी जगाने कह कर सो गया।
आशु स्कूल की छुट्टियों मेँ दादी के पास आया था। दादी से जादुई तकिये की बात सुनकर बड़ा खुश था क्योंकि उसे सुबह स्कूल के लिए जागने में देर हो जाती थी। मम्मी से डांट पड़ती। कभी स्कूल बस भी छूट जाती थी।
अगले दिन सचमुच वह सवेरे जाग कर दादी के साथ मंदिर गया। पेड़ पर ढेरो चिड़ियाँ चहचहा रहीं थी। बगल में गंगा नदी बहती थी। आशु बरगद की जटाओं को पकड़ कर झूला झूलने लगा। पूजा के बाद दादी ने उसे ढेर सारे बताशे और मिश्री दिये।
आशु को दादी के साथ रोज़ मंदिर अच्छा लगने लगा। जादुई तकिया रोज़ उसे समय पर जगा देता था। आज मंदिर जाते समय आशु को अनमना देख,दादी ने पूछा – आज किस सोंच मे डूबे हो बेटा? आशु दादी की ओर देखते हुए बोल पड़ा – दादी, छुट्टियों के बाद, घर जा कर मैं कैसे सुबह जल्दी जागूँगा? मेरे पास तो जादुई तकिया नहीं है।
दादी प्यार से कहने लगी – आशु, मेरा तकिया जादुई नहीं है बेटा। यह काम रोज़ तकिया नहीं बल्कि तुम्हारा मन या दिमाग करता है। जब तुम सच्चे मन से कोशिश करते हो , तब तुम्हारा प्रयास सफल होता है।यह तुम्हारे इच्छा शक्ति या आत्म-बल के कारण होता है। दरअसल हमारा शरीर अपनी एक घड़ी के सहारे चलता है। जिससे हमेँ नियत समय पर नींद या भूख महसूस होती है। इसे मन की घड़ी या बॉडी क्लॉक कह सकतें हैं। यह घड़ी प्रकृति रूप से मनुष्यों, पशुओं, पक्षियों सभी में मौजूद रहता है। इसे अभ्यास या इच्छा शक्ति द्वारा हम मजबूत बना सकतें हैं।
आशु हैरान था। इसका मतलब है दादी, मुझे तुम्हारा तकिया नहीं बल्कि मेरा मन सवेर जागने में मदद कर रहा था? दादी ने हाँ मे माथा हिलाया और कहा – आज रात तुम बिना तकिये की मदद लिए, अपने मन में सवेरे जागने का निश्चय करके सोना। आशु नें वैसा ही किया। सचमुच सवेरे वह सही समय पर जाग गया। आज आशु बहुत खुश था। उसे अपने मन के जादुई घड़ी को पहचान लिया।
रहगुज़र पर, दूसरों को
इतना भी राह ना दिखाओ.
कि अपनी हीं राह…….
अपनी ही मंज़िल भूल जाओ.
चराग़-ए-रहगुज़र खड़े
रह जाते हैं राहों में.
और कारवाँ ….राही…. गुज़र जातें हैं.

अर्थ –
चराग़-ए-रहगुज़र- lamp on the way.
रहगुज़र– path, road.
A video of a tampered ATM machine has gone viral on social media after it was spotted by a group of vigilant citizens at Arjun Nagar area in New Delhi. The 2.20-minute clip, allegedly shot at a Canara Bank ATM, shows a card skimming device installed with a camera along with a memory card to clone debit cards.

Rumi ❤️
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