
कई सदियाँ, कई मौसम
आए और गये।
इबादतों में तलाश,
इबारतों में तलाश होती रही।
ख़ुशियों की… मन की शांति
और अमन की।
सब मिलता है,
ग़र ऊपर वाले की
क़ुदरत पर हो भरोसा।
ग़र गिले-शिकवे छोड़,
तलाश खुद की हो।
ग़र तराश खुद को लें।
नव वर्ष मंगलमय हो!
Happy New Year!!









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