मकतब-ए-ज़िंदगी ने सिखाया,

मुस्कुरा-मुस्कुरा कर

लोगों को ना कर इतना बर्दाश्त

कि वे हद से गुज़र जाएँ।

सितम सहन इतना ना कर,

कि लोग सीमा तोड़ जाए।

कि ख़ुद वे बर्दाश्त-ए-काबिल ना रह जायें।

Positive Psychology-

If someone is crossing your boundaries,

take action. At the same time, Be careful

with how much you tolerate. You are

teaching them how to treat you.

वजूद-ए-ज़फ़र

अधूरी कहानियों,नज़्मों..कविताओं को

मिल जाए अल्फ़ाज़, लय….तुकांत।

पूरी हो जायेंगी उनकी अधूरी वृतांत।

लिखने वाले की पूरी होगी

आरज़ू-ए-सफ़र,

शब्दों अल्फ़ाज़ों में ढूँढते

अपने वजूद-ए-ज़फ़र।

अर्थ: ज़फ़र – विजय, जीत,

ज़िंदगी की धूप

सफलता के साँचे में

ढलना हो,
तो ज़िंदगी की धूप में

तपना और चलना होगा।

शुभ दीवाली Happy Diwali!!

विजय उत्सव है दिवाली।
रावण महापंडित, शिव भक्त, नवग्रह गुलाम उसके।
उसके बल, बुद्धि, विद्या और ज्ञान पर संशय था नहीं।
फिर भी पराजित हुआ वानर सेना और राम से।
आखिर क्यों ?
यह जीत है अहंकार पर, अँधकार पर!
विजय उत्सव है दिवाली।

तलाश

अख़्तियार एहसासों पर

भावनाएँ.. एहसास हावी हों,

तो नहीं रहता अख़्तियार अपने-आप पर।

जैसे अपनी साँसों पर ना हो अख़्तियार।

ग़र साध लिया अपने दिल-औ-दिमाग़ को,

जीत सकते हैं जग का हर जंग।

PSYCHOLOGYCAL FACT – EQ

Emotional intelligence / EQ refers to

someone’s ability to perceive, understand

and manage their own feelings and emotions.

High EQ person can handle their stress,

uncertainty, and anxiety in a better way.

हज़ारों ख़्वाहिशें ऐसी

अनजानी चाह में,

ना दे बिसार जो है हाथ में।

कई धोखे…वहम भरी

आँख-मिचौली खेलती,

शोख़ ख्वाहिशें हम सब

उम्र भर रहते हैं तलाशते।

मिलने पर ग़र ना आए रास तो?

कहते हैं – हज़ारों ख़्वाहिशें ऐसी

कि हर ख़्वाहिश पे दम निकले

बहुत निकले मिरे अरमान लेकिन

फिर भी कम निकले।

ख़ामोश किताबें

कुछ लोग होते हैं

ख़ूबसूरत ख़ामोश किताब से।

दमकते सुनहरे अल्फ़ाज़ों में लिखे नाम से।

समय की बहती बयार जब छेड़-छाड कर

खोलती है जिस्म-ए-किताब,

वरक़ दर वरक़, पन्ने दर पन्ने .. …

ख़ुशियों औ ग़म-ए-ज़िंदगी की

खुल जाते है कई हिसाब।

हर एक लफ़्ज़, अल्फ़ाज़ औ

तहरीरे बोल उठतीं है,

गुफ़्तगू कर उठती है दास्तान-ए-ज़िंदगी।

Psychological fact- if we hold things tight

and hide them away . it will burst out

some day. bottled up emotions may affect

the mental health negatively too.

कसौटी पर स्वर्ण

अक्सर फ़रेब करने वाले,

आज़माते रहते हैं दूसरों को।
भूल जाते हैं, फ़िज़ा में घुली

ख़ुशबुएँ आज़माई नहीं जाती।
गुमान करने वाले परखनते रहते हैं, दूसरों को।

कसौटी पर स्वर्ण ही परखते हैं।
भूल जातें हैं लोहे परखे नहीं जाते।

दूसरों में कमियाँ ढूँढने वाले

धूल आईना की साफ़ करते रहते है,

भूल जातें है ख़ुद के चेहरे साफ़ करना।

यादों से भागे फिरते हैं!

कभी अज़ान में, कभी आरती की

आवाज़ में खोजते रहे सुकून।

यादों से भागे फिरते रहे फ़िज़ूल।

पलकों के दहलीज़ पर चमकते रहे

कुछ सितारे और टूट कर बरसते रहे।

इंद्रधनुष के रंग, बेरंग हो गए।

यादों के चराग़ मज़ारों में टिमटिमाते रह गए।