ये हम नहीं जानते

हमें तुम से प्यार कितना,

ये हम नहीं जानते

मगर जी नहीं सकते तुम्हारे बिना

जाने ज़िंदगी कैसे, बिताते हैं लोग.

ज़िंदगी के रंग -113

जब तक फूलों सी

ख़ुशबू औ नज़ाकत थी .

बेदर्दी से पेश आते रहे लोग .

अपने को काँटे सा कठोर दिखाने के बाद

हम तो नहीं बदले पर

लोग बदल गए….

कुछ सुधर से गए हैं…..

ज़िंदगी के रंग – 99

हम तो भाग रहें है ज़िन्दगी के साथ ,

यह वक़्त क्यों और कहाँ भाग रहा है ?

काश! वक़्त तुम ठहरते कुछ पल,

हम दोनों साँस ले लेते .

पहेली

भविष्य टुकड़े टुकड़े बँटीं हुईं,

एक पहेली है.

जोड़ कर अनुमान

लगाने की कोशिश

में ज़िंदगी और बड़ीं

पहेली बना जाती है.

भविष्य बनाने की कोशिश के साथ ,

क्यों नहीं वर्तमान में जिया जाए ?

दिल और ज़ज्बातों के रिश्ते

सिमटते जा रहे हैं,

दिल और ज़ज्बातों के रिश्ते।

सौदा करने में जो माहिर है,

बस वही कामयाब है।

Unknown

प्यार #Love

Topic by –

Does love pop-up as a surprise… or is it something that develops slowly over a period of time?

प्यार परिभाषा, समय, सम्बंधों और बंधनों

से परे मृदु–मधुर एहसास है.

मत जानना चाहो प्यार क्या है –

आकर्षण , आध्यात्म, भौतिक ,

शारीरिक, सौंदर्य , शक्ल , वासना,

सांसारिक या पवित्र ईश्वरीय देन …….

बिना महसूस किए

क्या कभी जान सकेंगे ?

कब और कौन सी शक्ति

खींचती थी अपनी ओर

राधा को कृष्ण,

लैला को मजनू,

ब्युटी को बीस्ट ,

मीरा को कान्हा और

माँ को बच्चे की ओर?

यह जीवन की वह सरल

विशुद्ध जल धारा है.

जो कहीं भी, कभी भी बह निकलती है,

और राहें ढूँढ हीं लेतीं है.

यह वह सनातन , शाश्वत सत्य है जो

इन ढाई अक्षरों में छुपी है –

प्रेम , इश्क़ , प्यार !!!!

जिंदगी के रंग – 96

पलट कर अंजुमन-ए- ज़िंदगी को देखा

याद आये इस महफिल के

कई पल… कई रंग….. !

सीखे नियमों का अंधा अनुकरण,

अपनी सोंच कम .

लोग क्या कहेंगे …..

औरों को ख़ुश रखने की कोशिश ….

सब बेकार हो गया .

बेज़ार ज़िंदगी ने हीं सिखाया सबक़ .

किसी का दिल दुखाए बिना ,

अपने नियम बनाओ !

अपने लिए खड़े होना सीखो ,

अपने आप को प्यार करो

और ख़ुश रखो !!!!

एक राह

एक राह दिख गया गुलाबों की पंखुड़ियों भरा !!

चल दिए उसपर ,

भूल कर कि गुलाबों में काटें भी होते हैं……..

काटों की कसक आज भी है.

ख़त

पता बदल चुका है,

पर दिल है कि

मानता नहीं.

वही लवों पर छलकती

ख़तों की भाषा

पुरानी यादों की ख़ुशबू,

उसी पते पर आतीं और

द्वार खटखटातीं है.

शिद्दत

ज़रूर दिल बादलों का भी किसी ने दुखाया होगा,

वर्ना इतनी शिद्दत से बरसता कौन है?

Unknown