
ज़िंदगी के रंग – 217
ज़िंदगी के देखे कई रंग,
कई बसंत !
सतरंगी ज़िंदगी ने सिखाया बहुत कुछ।
कभी हँसाया कभी रुलाया।
आज जहाँ खड़े हैं,
आप सब के साथ ।
वह है उम्र किस्टलाइस्ड इंटेलिजेन्स का,
अनुभव और समझदारी की वह उम्र जहाँ बस चाहत है,
खुश रहने की!
खट्टी-मीठी ज़िंदगी की राहों को ख़ुशियों के साथ तय करने की।
अब दुनिया और काम में
वक्त के साथ छूटते, भूलते जा रहे अपनों के साथ
बैठ कर वक्त भूलने की चाहत है।








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