11 thoughts on “मौन

  1. The darkness
    in the soul
    remains
    as a companion
    also during
    of the day
    consciousness
    to all senses

    the conscience
    don’t forget my sins

    when my heart breaks
    I no longer
    the confidence
    can trust

    no song
    no worship
    no mantra
    no poem
    from my tribulation
    can cheer me up

    the soul wants
    that I have my shadow
    with all my might
    have to work every day

    the truth
    in the reality
    the soul
    remains a secret to me
    and hidden

    the way
    from birth
    to the goal
    the death
    is with everything
    what a man
    able
    to suffer

    Rehka Rani

    Like

  2. अदब ओर सब्र है दौलत जिनकी ,
    रिश्ते ना निभाने की तोहमत ,
    अपनों से ही लेते रहे ,
    इम्तिहान नेक दिल का मालिक को देते रहे,
    जवाब दिया मालिक ही ने तब ,
    समझ आया ,
    रिश्ते निभाये किसने
    अदब ओर सब्र है क्या ।
    रेखा दीदी आपकी लिखी पंक्तियो ने मुझें भी अपने अनुभवों
    की याद दिला दी । जो मौन रह कर रिश्तों को बनाए रखने की कोशिश करते हैं, पलट कर जवाब नहीं देते, यह उनके सुसंस्कार होते है । समय आने पर ईश्वर अपनें ही तरीके से स्वयं उनकी ओर जवाब देते हैं ।
    खूबसूरत अभिव्यक्ति 👏👏👏👏🌷

    Liked by 1 person

    1. अनिता, तुम्हारी बातें बिलकुल सही है। मैं लिखतीं ही इसलिए हूँ क्योंकि कहने-सुनने की आदत नहीं। मन की बातें, दुःख- सुख पन्नो पर उतार देतीं हूँ। लेकिन कभी कभी दूसरों का ओछापन दर्द देता है।

      Like

    1. यह हक़ीक़त है आशीष। पता नहीं मेरे आस-पास कुछ लोग ऐसे हैं या आजकल दुनिया हीं ऐसी हो गई है।

      Liked by 1 person

Leave a Reply

Please log in using one of these methods to post your comment:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s