ज़ख्मों से तराशे!!

ख़ुद को आज़माते रहो!

मेले-महफ़िलें

आइने की फ़ितरत

आदमजात

बातें

मुनासिब

My 11 Anniversary on wordpress!

समय, पानी-सा बहता चला गया,
मुट्ठी में भरी रेत-सा हर लम्हा फिसल गया।
किससे पूछें हिसाब उन गुज़रे पलों का?
बस यह समझ आया……….
थामना नहीं चलते रहना जीवन है।

Happy Writing!!

एकांत लम्हों

दिल और रूह